फतेहपुर। एक तरफ सरकार सूखा घोषित जिलों में हर संभव मदद की घोषणा कर रही है, वहीं राजकीय नलकूपों का निर्माण कार्य अधर में है। नतीजतन फसलों की सिंचाई पूरी तरह से प्रभावित है। विभाग की लापरवाही से अभी तक 14 में से मात्र दो नलकूपों निर्माण कार्य पूरा हुआ है। नलकूपों का कायाकल्प न होने से आसपास की खेत के किसान सिंचाई से वंचित है। प्रदेश सरकार ने नहर और राजकीय नलकूपों से मुफ्त फसल सिंचाई की घोषणा की है। इसी के तहत वर्ष 2013-14 में शासन से 14 राजकीय नलकूपों का निर्माण किया जाना था। सरकार के मंशानुरूप किसान अपनी फसलों की सिंचाई मुफ्त कर सके। पानी के अभाव से अधिकतर किसानों की फसलें नष्ट न हाें, लेकिन विभाग की लापरवाही से अब तक 14 में से सिर्फ दो नलकूप ही चालू किए जा सके हैं। शेष नलकूपों का निर्माण कार्य अधर में पड़ा हुआ है। किसानों के मुताबिक अगर नलकूपों का निर्माण सही टाइम पर हो गया होता तो नलकूप क्षेत्र के आसपास की फसलों को बचाया जा सकता था।
चल रहे नलकूप
ब्लाक गांव नलकूप संख्या
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बहुआ बावन 183 एफजी
ऐरायां बहलोलपुर 245 केजी
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निर्माणाधीन नलकूप-
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खजुहा इटरा 256 बीजी
खजुहा मंझेपुर 257 बीजी
खजुहा बारागांव रिबोर 177 बीजी
खजुहा मऊदेव 258 बीजी
खजुहा नरायनपुर 259 बीजी
भिटौरा मलाका 184 एफजी
भिटौरा करमचंद्रपुर सांड़ा 185 एफजी
असोथर देवलान 186 एफजी
असोथर देवलान रिबोर 64 एफजी
असोथर खेम का डेरा 187 एफजी
असोथर सरकंडी 188 एफजी
कोट
‘सभी नलकूपों की बोरिंग पूरी हो गई है। इस्टीमेट बनवा कर बिजली बिजली लगाने के लिए धनराशि भी जमा कर दी गई है। बिजली लगते ही सभी नलकूप चला दिए जाएंगे।’ - दीपक मलिक- अधिशाषी अभियंता नलकूप खंड