असोथर(फतेहपुर)। बिजली के झूलते तार आए दिन किसी न किसी की मौत का सबब बनते जा रहे हैं। थाना क्षेत्र के सरांय खालिस गांव में बुधवार की देर शाम अधेड़ पर हाइटेंशन लाइन का तार गिरने से मौत हो गई। मामले की जानकारी ग्रामीणों को गुरुवार की सुबह हुई। ग्रामीण शव देखकर भड़क उठे। जाम लगाकर सात घंटे प्रदर्शन किया। पुलिस प्रशासनिक अधिकारियों की घेराबंदी की। ग्रामीणों ने चार विद्युत पोल उखाड़ कर फेंक दिया। वही पोल सड़कों पर लाकर डाल दिए। ग्रामीण लाठी-डंडे लेकर बिजली विभाग के कर्मचारियों को खोजते रहे। मुआवजे के आश्वासन पर मामला शांत हुआ। इसके बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया है। इलाके में हफ्तेभर में तीसरी तार टूटने की घटना हुई है। अब तक दो लोगों की मौत और एक छात्र झुलस चुका है। उधर, बिजली विभाग के अधिशासी अभियंता ने जेई की लापरवाही मानते हुए उपकेंद्र से हटा दिया है। वहीं पुलिस ने जेई और लाइनमैन पर गैरइरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया है। एसडीएम और एक्सईएन ने करीब ढाई लाख रुपये की आर्थिक मदद और जल्द ही तारों की व्यवस्था चौकस करने का आश्वासन दिया। सरांय खालिस गांव निवासी रामस्वरुप मौर्या का 45 वर्षीय पुत्र रामभवन मौर्या जंगल शौच क्रिया के लिए गया था। वह देर रात तक घर वापस नहीं लौटा। परिजनों ने रात को खोजबीन की, लेकिन कोई पता नहीं चल सका था। गुरुवार सुबह के पांच बजे ग्रामीण खेतों की ओर जा रहे थे। तभी धान के फसल के किनारे रामभवन का झुलसा शव मिला। घटना की सूचना से ग्रामीणों में हडकंप मच गया। परिजन मौके पर पहुंचे और शव को उठाकर गांव के बाहर मुख्य मार्ग में ले आए। ग्रामीणों ने पेड़ काटकर सड़क में डाल दिया। इसके बाद मार्ग में जाम लगा दिया। सूचना पर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस को ग्रामीणों ने शव उठाने से रोक दिया। ग्रामीण हाथों में लाठी डंडे लेकर घूमते रहे और बिजली विभाग के कर्मचारियों को बुलाए जाने की मांग की। बवाल बढ़ने पर एसडीएम विवेक श्रीवास्तव, सीओ वंदना सिंह, एक्सईएन प्रथम एके सिंह और गाजीपुर, थरियांव थाने की फोर्स पहुंची। ग्रामीण किसी समझौते को लेकर राजी नहीं हो रहे थे। घटना से पहले पिछले सात दिनों के अंदर तारों के टूटने से गांव में तीसरी घटना घटी है। इससे ग्रामीणों में विभाग के कर्मचारियों के खिलाफ रोष रहा। एसडीएम और एक्सईएन ने करीब ढाई लाख रुपए की आर्थिक मदद और जल्द ही तारों की व्यवस्था चौकस करने का आश्वासन दिया। इसके बाद मामला शांत हो सका। करीब सात घंटे के बाद पुलिस ने शव उठाने में सफल हो सकी।
साइड स्टोरी
अब हाइटेंशन लाइन को देखकर डर रहे ग्रामीण
फतेहपुर। सरायं खालिस और आसपास गांव में हाईटेंशन लाइन के तारों का एक सप्ताह से लगातार कहर बरप रहा है। पांच दिन पहले एक महिला की तार टूटने से चिपक कर मौत हो गई थी। इसी तरह दो दिन पहले एक छात्र हाईटेंशन की चपेट में आने से गंभीर रुप से झुलस गया था। इन दोनों घटनाओं से ग्रामीण सहमे थे। तारों के नीचे फसलें की देखभाल तक करना बंद कर दिया है। इन हालातों के चलते ही बुधवार शाम को ग्रामीण रामभवन झुलस खेतों के बीच में झुलस रहा था लेकिन भयभीत ग्रामीण घटना का जायजा लेने के लिए नहीं जा सके। ग्रामीणों का कहना रहा कि उनको लग रहा था कि तार खेतों पर टूटकर गिरे हैं। इससे फसल आग की चपेट में आई है। काफी शाम हो चुकी थी। इसलिए डर लग रहा था कि तारों के फैले मकड़जाल कहीं वह भी फंस नहीं जाए। अगर उनको मृतक की जानकारी होती तो किसी तरह के प्रयास करते। मृतक अधेड़ रामभवन मौर्या के पास एक बिस्वा जमीन तक नहीं रही है। उसकी मजदूरीे से परिवार का जीवन यापन होता था। उसके चंद्रभान (20), जितेंद्र (17), भूपेंद्र (12) और प्रीती (10) बच्चे हैं। उसकी मेहनत मजदूरी से ही परिवार के सभी लोगों का भरण पोषण होता था।
असोथर उपकेंद्र के जेई को हटाया
फतेहपुर। सरांय खालिस गांव में बुधवार देर शाम अधेड़ पर हाइटेंशन लाइन का तार टूटकर गिरने से मौत के बाद ग्रामीणों का आक्रोश बढ़ता ही जा रहा है। ग्रामीणों ने शव देखकर जाम लगाया और दोषियों पर सख्त कार्रवाई किए जाने की मांग की। उधर, बिजली विभाग के अधिशासी अभियंता ने जेई की लापरवाही मानते हुए उपकेंद्र से हटा दिया है। इस इलाके में एक सप्ताह के अंदर तीसरी तार टूटने की घटना हुई है, जिसमें अब तक दो लोगों की मौत और एक छात्र झुलस चुका है।
कोट
असोथर उपकेंद्र में तैनात जेई राजाराम ने विद्युत पोल लगवाने में विलंब किया। ऐसे में अभियंता दोषी माने जा रहे हैं। जेई राजाराम को उपकेंद्र से हटा कर डिवीजन में अटैच कर दिया गया है और गाजीपुर उपकेंद्र के जेई सुनील कुमार को असोथर उपकेंद्र का कार्य देखने की जिम्मेदारी दी गई है। अधिशासी अभियंता एके सिंह।
कोट
जेई और लाइनमैन के खिलाफ गैरइरादतन हत्या का मुकदमा असोथर थाने में दर्ज किया गया है। बताते चलें कि इसी लाइनमैन के खिलाफ एक मामले में तीन दिन पहले गैरइरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज किया जा चुका है लेकिन पुलिस ने इसकी गिरफ्तारी नहीं की थी। इसी वजह से ग्रामीणों में ज्यादा रोष रहा। सीओ थरियांव वंदना सिंह।