फतेहपुर। जाफरगंज थाने में बुधवार की रात किशोरी की संदिग्ध हालात में हुई मौत के मामले में कोतवाली पुलिस की कार्यशैली सवालों के घेरे में है। मृतका के परिजनों ने दुराचार का बाद हत्या का आरोप लगाया तो पुलिस प्रकरण को दबाने में लग गई। गुरुवार को डीआईजी के पहुंचने और पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हत्या उजागर होने पर पुलिस ने आनन-फानन नामजद आरोपियों को हिरासत में ले लिया। एसपी ने बताया कि तीनों आरोपियों को एफआईआर में शामिल कर दिया गया है। छानबीन की जा रही है। सत्यता पाए जाने पर ही आरोपियों को जेल भेजा जाएगा। गैंगरेप की पुष्टि के लिए पुलिस ने स्लाइड बृहस्पतिवार को लखनऊ विधि विज्ञान प्रयोगशाला को भेज दी है। जहां से रिपोर्ट आने के बाद रेप की पुष्टि हो सकेगी। हालांकि पोस्टमार्टम करने वाले डा. आलोक सचान ने बताया कि स्लाइड की प्राथमिक जांच रिपोर्ट में निगेटिव है।
इलाहाबाद रेंज डीआईजी भगवान स्वरूप श्रीवास्तव करीब शाम के चार बजे जाफरगंज जांच के लिए पहुंचे। उन्होंने पीड़ित पक्ष और एक दर्जन से अधिक ग्रामीणों के बंद कमरे में बयान लिए। डीआईजी ने घटनास्थल का जायजा लिया और पीड़ित पक्ष के घर पहुंचे। मृतका की मां ने डीआईजी के पैरों को पकड़ कर रोते बिलखते आपबीती बताई। पीड़ित परिजनों ने खुद की आरोपियों से जान का खतरा बताया है और घटना के दिन उनको आरोपियों ने अपनी गिरफ्त में रखने का बयान दिया। करीब तीन घंटे तक ग्रामीणों से पड़ताल की। इससे पहले पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार सिंह सुबह जाफरगंज थाने पहुंचे। थाने से एसपी सीधे घटनास्थल की पड़ताल करने गए। थाने में एसपी के सामने मृतका के पिता ने बताया कि उसकी बेटी शाम को चारा काटने के लिए गई थी, लेकिन वह खेतों तक नहीं पहुंच सकी थी। उसको रास्ते से ही गांव के आरिफ पुत्र जान मोहम्मद, सलमान पुत्र नौशाद, चंदुआ पुत्र हकीम ने अगवा कर लिया था। उसकी बेटी के साथ बारी-बारी से तीनों आरोपियों ने दुष्कर्म किया है। मामले को आत्महत्या का रूप देने के बेटी को पेड़ से लटकाया गया है। मुकदमे में अज्ञात लोगों के खिलाफ गला घोंटकर हत्या कर देने और उसके बाद शव को फांसी के फंदे से लटका देने का मामला दर्ज हुआ है।
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आंखों में पट्टी बांधकर पुलिस ने की पड़ताल
- पुलिस ने आत्महत्या की तहरीर पर करा डाला पोस्टमार्टम
- रिपोर्ट में हत्या की पुष्टि के बाद तहरीर बगैर ही दर्ज की हत्या
- पंचायतनामा और लाश में चोटों का अंतर देख होश उड़े
- डाक्टरों ने पोस्टमार्टम करने से किया इंकार
- दोबारा पंचायतनामा में मजबूरन पुलिस ने चोटों को दर्शाया
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ग्रामीणों की भीड़ से थाने में लगा जमघट
जाफरगंज। सनसनीखेज वारदात के बाद मेवातगंज के ग्रामीणों में तनाव का माहौल हो गया है। दोनो पक्षों के लोग थाना परिसर में जमे रहे और डीआईजी, एसपी की कारगुजारी को भांपने की कोशिशें करते रहे। थाने में सैकड़ों की तादाद में दोनो पक्षों के ग्रामीणों की भीड़ जुटी रही है। एक पक्ष के लोगों में माथे में शिकन साफ झलक रही थी। वहीं दूसरे पक्ष के लोगों में आक्रोश व्याप्त रहा। ग्रामीणों को पुलिस की हर हरकत का इंतजार था कि अब क्या होने वाला है। इसी ऊहापोह में पुलिस अधिकारियों के पीछे ग्रामीणों की भीड़ भागती रही।
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एसएचओ की कार्यशैली पर आरोप, जांच
फतेहपुर। मामले में मृतका के पिता ने एसपी के सामने एसएचओ कंचन लाल वर्मा पर आरोप लगाए हैं। पिता ने पुलिस पर आरोपियों से मिलीभगत और सादे कागज में अंगूठा निशान लगाने का आरोप लगाया है। मामले में एसएचओ की जांच के आदेश दिए गए हैं। वहीं डीआईजी के सामने ग्रामीणों बयानों को लेकर भी तरह-तरह की चर्चाएं रही है। ग्रामीणों का कहना था कि पुलिस अपने पक्ष और आरोपी पक्ष के लोगों को ही बयान दर्ज कराने का मौका दे रही है। डीआईजी ने एसएचओ की कार्यशैली की जांच एसपी को खुद करने के आदेश दिए हैं।
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एक आरोपी पहले भी कर चुका दरिंदगी
मेवातगंज में दस दिनों पहले भी एक महिला को हवश का शिकार बनाने का मामला सामने आया था। वहीं हिरासत में लिए तीनों आरोपियों में एक आरोपी के खिलाफ एक साल पहले दरिंदगी किए जाने का मामला सामने आया है। ग्रामीणों ने बताया कि उसने एक किशोरी के साथ जबरन दुष्कर्म किया था। लेकिन घटना के बाद पुलिस ने सुलह समझौता करा दिया था। आरोपियों की दबंगई के कारण उनके अत्याचार का कई बार लोगों को शिकार बनना पड़ा है लेकिन उनके खिलाफ कोई भी शिकायत क रने का साहस नहीं जुटा पाता था।