फतेहपुर। बीते चौबीस घंटों में झमाझम बारिश कहीं राहत लेकर आई तो कहीं आफत बन गई। खासकर शहर इलाकों में पानी निकासी की व्यवस्था ने होने से बाशिंदों को भारी दिक्कतों से जूझना पड़ा। कई जगह लोगों के घरों में पानी घुस गया तो कहीं नालियों के उफनाने से लोगों का निकलना दूभर है। उधर, किसानों के लिए बारिश की बूंदे अमृत साबित हो रही हैं, मायूस किसानों के चेहरों पर खरीफ की फसल को बचाने की उम्मीदें जगने लगी है। शुक्रवार को भी सारा दिन बारिश होती रही। तापमान में खासी गिरावट दर्ज की गई। उधर, शहरी इलाकों में जल निकासी की व्यवस्था न होने और गंदगी के कारण नजाही बाजार सहित अधिकांश मोहल्लों में घरों में पानी घुस रहा है। मेन बाजार सहित, महाजनीगली रोड, फाटक बाजार, लंका रोड, मीरखपुर, गांधी स्मारक रोड, मुगलरोड सहित लगभग एक दर्जन मोहल्लों में भारी जलभराव है। राहगीरों को निकलने में मुसीबतों का सामना करना पड़ा, कई दो पहिया वाहन व साइकिल सवारों को गिरकर चोटहिल भी होना पड़ा है। इसी तरह मुगलरोड में दर्जनों दुकानदारों की दुकानों में पानी अंदर घुस गया। नार्थ सिटी के तांबेश्वर नगर के लोग तो अभी से सहम उठे हैं।
बारिश ने खोली नगर पालिका की पोल
बिंदकी। नगर पालिका परिषद की बदइंतजामी का खामियाजा नगर वासियों को पहली मामूली सी बरसात में झेलना पड़ गया। सिल्ट सफाई कराए जाने को लेकर अमर उजाला ने पहले ही आगाह किया था, लेकिन पालिका प्रशासन ने कोई ध्यान नहीं दिया। वर्तमान समय में भी यहां तैनात एक दर्जन से अधिक सफाई कर्मी चेयरमैन की बरखुरदारी, आफिस व अन्य कार्यों में लगे है। इनसे सफाई का काम नहीं लिया जा रहा है। इसके अलावा 24 संविदा के स्वीकृत पडे़ पदों में सफाई कर्मियों को नहीं भर्ती किया गया है। जिससे सफाई व्यवस्था के हालत इतने खराब हैं कि अब तक के सभी रिकार्ड टूट गए है।
कोट
20 जून को चार्ज मिला है, लेकिन अभी तक चेयरमैन ने उनके हस्ताक्षर बैंक नहीं भेजे हैं। ऐसे में अलग से जेसीबी या मजदूर लगाकर यदि काम भी करवाते हैं तो उनका भुगतान कहां से देंगे। चेयरमैन नीलम सोनी अपना मोबाइल ही नहीं उठा रहीं है। पालिका के ईओ/ एसडीएम जेएन सचान
शहर में यहां नहीं हुई सफाई
जिला अस्पताल के समीप पुरानी तहसील के सामने दो दिन से कूड़ा नहीं उठाया गया है। व्यस्ततम क्षेत्र पीलूतले चौराहे पर सड़क पर कूड़ा फैला है। शहर के वर्मा चौराहे में बांदा सागर रोड कूड़े का भारी भरकम ढेर पड़ा है। रिमझिम बरसात के कारण गंदगी पानी के साथ पूरे सड़क पर फैल रही है। बड़ी तादाद में वाहनों का आवागम होने के कारण गंदगी कीचड़ का रूप ले रही है। कीचड़ के कारण दो पहिया वाहनों को गुजरने में खासी परेशानी हो रही है। इसी के समीप शहर का सबसे बड़ा गंदा नाला गुजरने के कारण लोगों को और अधिक दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। चेयरमैन चंद्रप्रकाश लोधी का कहना है कि पूरे शहर का प्रति दिन कूड़ा उठाने का आदेश है। अगर कहीं कूड़ा नहीं उठाया गया है, तो मामले की जांच कराकर दोषी सफाई नायक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
इंसेट
खरीफ की फसल को लेकर जगी उम्मीदें
फतेहपुर। सूखे की ओर बढ़ रहे हालातों पर 72 घंटे के दौरान विराम लगता नजर आ रहा है। बादल उमड़-घुमड़ कर जिस प्रकार से आसमान से अमृत बरसा रहे हैं, उससे मायूस किसानों के चेहरों में खरीफ की फसल को बचाने की उम्मीदें जगने लगीं हैं। धान की रोपाई का काम कुछेक इलाकों में चालू हो चुका है। वहीं गन्ना, बाजरा, ज्वार आदि की हो चुकी बुआई को संजीवनी मिलने लगी है। जिला कृषि विभाग का कहना है कि अगर दो दिन बरसात हुई तो धान की पिछड़ रही फसल के नुकसान की काफी हद तक भरपाई हो सकती है। जिले में इस बार धान के आच्छादन का लक्ष्य 87324 रखा गया है। अमूनन, मानसून 15 जून से आ जाता है लेकिन इस बार इसके आने में देरी हुई। जिससे धान की रोपाई का काम न के बराबर हो पाया। तेलियानी, भिटौरा, असोथर, धाता, विजईपुर, बहुआ आदि ब्लाक क्षेत्रों में हो रही बूंदाबांदी से किसानों के चेहर चमक उठे हैं। देवमई ब्लाक मेें तो धान की बेड़ का काम चालू हो गया है।
कोट
‘ पिछले तीन दिन से मानसून के संकेत ठीक मिल रहे हैं। गन्ना समेत दलहन व तिलहन की बुआई शुरू हो चुकी है। उम्मीद है कि दो-तीन दिन तक बरसात होती रहेगी। जिसके बाद धान लगने का काम तेज हो जाएगा। धान की फसल के उत्पादन पर इस सीजन में 15 से 20 प्रतिशत की ही कमी आएगी’।
- रविकांत, जिला कृषि अधिकारी