फतेहपुर। दो आबा की धरा में बहने वाली पानी की धार की रफ्तार बढ़ाने का काम शुरू हो चुका है। नहरों, रजबहों, माइनरों व नालों की सिल्ट हटाई जाने लगी है। इस काम में लगी कार्यदाई संस्था को समय रहते इस काम को अंजाम देने के फरमान जारी किए गए हैं। ताकि पानी भराव या गंदगी की समस्या से न पैदा होने पाए। सिंचाई खंड के एक्सईएन ओपी चौधरी ने बताया कि अरंज, गौरी, खजुहा, आलमगंज, नेवाजीपुर, डीघ, यादगारपुर, वेस्ट कुसुम्भी, शाह, गाजीपुर, मुत्तौर, सुजानपुर, खखरेड़ू, करारी, कांधी, फतेहपुर, रावतपुर, अजुहा रजबहों की लंबाई 41.09 किलोमीटर है। इसके लिए 14.39 लाख रुपए की कार्ययोजना पर काम चल रहा है। भैसौली, मुसाफा, माधोपुर, ककरेहा, देवमई, कंशमीरीपुर, बकेवर, जोगापुर, पधारा, नामामऊ, खूंटा, समसपुर, केवई, देवमई, महरहा, बहरौली, रारी, सिंधाव, पहाड़पुर, श्यामपुर, मोहम्मदपुर, चुरियानी, मेउली, असोथर, सैमसी, कटेरिया माइनर के लिए 50.60 लाख रुपए खर्च होंगे। इन माइनरों की लंबाई 127.60 किलोमीटर है।
एक्सईएन ने बताया कि 25.70 किलोमीटर किलोमीटर लंबी नहरों की सिल्ट सफाई के लिए 7.50 लाख रुपए की योजना प्रस्तावित है। सेलावन ओल्ड व न्यू नाला, कोरंवा नाला, रावतपुर नाला, जजरहा नाला, असोथर-2 नाला, कौंडर नाला, महरहा नाला की लंबाई 29.05 किलोमीटर है। इस काम पर 21 लाख रुपए खर्च होंगे।