फतेहपुर। मतदान कार्य में लगे शिक्षकों को ओहदा अधिकारी का दिया जाता है, लेकिन सुविधाएं भट्ठा-मजदूरों की दी जाती हैं। शिक्षकों ने सामूहिक रूप से पत्र लिखकर जिलाधिकारी से अपनी पीड़ा बया की है। पिछले चुनावों में पोलिंग पार्टियों को मतदान केंद्र भेजने के लिए प्रशासन बेहतर बसें अधिग्रहीत करता रहा है, लेकिन पोलिंग पार्टियां हमेशा मौरंग, कोयला, गिट्टी या सीमेंट ढोने वाले ट्रकों से भेजी जाती हैं। यह परंपरा अभी तक चली आ रही है। खास बात तो यह है कि ऐसे ट्रकों की सफाई भी नहीं कराई जाती है और वैसी हालत में पार्टियां रवाना कर दी जाती है। पोलिंग पार्टियों में पीठासीन अधिकारी, मतदान अधिकारी, मतदान अधिकारी द्वितीय समेत चार कर्मचारी शामिल होते हैं। ट्रकों से जाने वाले इन अधिकारियों के कपड़ों की हालत तो बदतर हो ही जाती है। साथ ही ट्रक में धक्का खाने से थककर बीमार होने की स्थिति पैदा हो जाती है। प्राथमिक शिक्षकों ने संयुक्त रूप से शनिवार को जिलाधिकारी को लिखित देकर अपनी पीड़ा बया की है। शिक्षकों ने डीएम से मामले में उचित कदम उठाने की मांग की है।