फतेहपुर। भूतपूर्व सैनिकों की रैली में खेल स्टेडियम खचाखच भर गया। शनिवार को आयोजित रैली में बाडी वेल्डर शो और पैराशूट शो देखकर लोग हतप्रभ रह गए। इससे पहले मुख्य अतिथि मेजर जनरल विशंभर दयाल ने शहीद सैनिकों की पत्नियों को प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया। कार्यक्रम में मेजर जनरल ने कहा कि फतेहपुर की सरजमीं मातृभूमि को फख्र है। यहां के जांबाजों ने आजादी से लेकर चाइना, पाकिस्तान तथा कारगिल युद्ध में वीरगति प्राप्त करने का गौरव बढ़ाया है। यहां का माताएं धन्य हैं। सेवानिवृत्त और सेवारत सैनिकों तथा उनके परिजनों से खचाखच भरे स्टेडियम में मेजर जनरल ने कहा कि रैलियों के आयोजन का उद्देश्य पूर्व सैनिकों से हौसलाफजाई कराने का है। उन्होंने 1965 के चाइना युद्ध में अपने पिता की शहादत की याद करते हुए रुंधे गले से कहा कि फतेहपुर की सरजमीं की सभा माताएं धन्य हैं, जिन्होंने ऐसे लालों को जन्म दिया। सेवानिवृत्त सैनिकों की समस्याओं पर चरचा करते हुए कहा उनके पिता की शहादत के बाद मां को पेंशन पाने के लिए पूरे चौदह महीने चक्कर लगाने पड़े थ। समस्याओं को लेकर पूर्व सैनिक निराश न हों। सैनिक समस्याओं के निराकरण के लिए अधिकारी पूरी तरह से संवेदनशील हैं। उन्होंने आवाहन किया कि जो भी सेना की नौकरी के दौरान सीखा है, आम लोगों के बीच में बांटने में कोई संकोच नहीं किया जाए। उन्होंने कहा कि फतेहपुर जल्द ही एनसीसी कैंटीन खोली जाएगी। पूर्व सैनिकों का अस्पताल किराए के भवन में चल रहा है। उसका कांटैक्ट खतम हो चुका है। जल्द ही सुविधाजनक स्थान पर अस्पताल का संचालन सुनिश्चित कराया जाएगा। उन्होंने अंत में कहा कि भारत की फौज का लोहा पूरा विश्व मानता है। इसका प्रमाण कारगिल युद्ध है, जो हमारे रणबांकुरों ने विषम परिस्थिति में फतह करने में सफलता हासिल की थी। उन्होंने वंदे मातरम , भारत माता की जय के साथ वक्तव्य समाप्त किया।