फतेहपुर। शहर की बिजली आपूर्ति पूरी तरह से ध्वस्त है। पचास फीसदी शहरी आबादी बिजली आपूर्ति से वंचित हो गई है। दो दर्जन ट्रांसफार्मर फुंक गए हैं, जिनके बदलने के लिए विभाग के पास कोई कार्ययोजना नहीं है। विभागीय अधिकारियों ने अपने मोबाइल बंद कर लिए हैं। समस्या का सामना न करना पड़े, इसके लिए अफसरों ने दफ्तरों में बैठना बंद कर दिया है। इतना ही नहीं सत्ता पक्ष के जनप्रतिनिधियों ने बिजली संकट के मुद्दे को नजरअंदाज कर दिया है। ऐसे हालात में जिले की कानून व्यवस्था बिगड़ने के पूरे आसार हैं।
शहर में दो दर्जन ट्रांसफार्मर फुंकने से यहां की 50 फीसदी आबादी को बिजली के दर्शन नहीं हो रहे हैं। इस उमस भरी गर्मी में लोग बिलबिला रहे हैं। बिजली ने लोगों के दिन का चैन और रात की नींद हराम कर दी है। लोगों की रोजमर्रा की दिनचर्या पूरी तरह से बिगड़ गई है। नींद पूरी नहीं होने पर लोग चिड़चिड़ेपन का शिकार हो रहे हैं। नगर पालिका परिषद के नलकूप बंद होने से पानी का भी संकट खड़ा हो गया है।
खास बात यह है कि एक ट्रांसफार्मर फुंकने पर समीप के दूसरे ट्रांसफार्मर से लोग केबिल जोड़कर बिजली ले रहे हैं। ऐसी स्थिति में अत्यधिक लोड होने से वह भी ट्रांसफार्मर फुंक जाता है। अगर विभाग फुंका ट्रांसफार्मर एक दो दिन में बदल दे तो दूसरे ट्रांसफार्मर को फुंकने से बचाया जा सकता है। अगर यही हालात रहे, तो वह दिन दूर नहीं जब पूरे शहर के ट्रांसफार्मर फुंकने से बिजली आपूर्ति बंद हो सकती है।
अधिशासी अभियंता प्रथम एके सिंह ने मोबाइल नंबर 9450963713 में 23 बार फोन किया गया लेकिन लेकिन उन्होंने रिसीव नहीं किया।
आपूर्ति वाले इलाकों पर उतरा गुस्सा, जंफर उड़ा बिजली गुल की
फतेहपुर। शहर की चरमरा गई बिजली व्यवस्था के खिलाफ लोगों का गुस्सा सड़कों पर उतरने लगा है। सोमवार देर रात कई दिन से हो रही कटौती के विरोध में लोग सड़कों पर आ गए। जिन इलाकों में बिजली चालू मिली, उन क्षेत्रों की बिजली जबरन बंद करा दी गई है। यह सिलसिला पूरी रात चलता रहा और प्रशासन मूकदर्शक बना रहा।
शहर में जले हुए ट्रांसफार्मर बदलने के लिए विभाग कम से कम 15 दिन समय लगा रहा है, उस पर भी जरूरी नहीं है कि ट्रांसफार्मर ठीक होकर बदल जाता है। शहर की पचास फीसदी आबादी में बिजली आपूर्ति ट्रांसफार्मर फुंकने के कारण बंद है। सड़क जाम, प्रदर्शन और अधिकारियों को ज्ञापन देने के बाद जब कोई सार्थक परिणाम नहीं निकला, तो सोमवार देर रात करीब दो सैकड़ा लोग सड़कों पर उतर आए और जहां भी बिजली आपूर्ति बहाल मिली, वहां पर लगे ट्रांसफार्मर का जंफर उड़ाकर आपूर्ति बंद करा दी। इस तरह से पूरी रात शहर अंधेरे में डूबा रहा। इस तरह से फुंकने से वंचित ट्रांसफार्मरों का जंफर बांधने में बिजली विभाग को दोपहर तक जूझना पड़ा।
हालात नहीं सुधरे तो शहर में होगा ब्लैक आउट
फतेहपुर। बिजली के हालात सुधरने की उम्मीद नहीं दिख रही है। जिसके चलते शहर में ब्लैक आउट जैसा माहौल हो गया है। रविवार रात कई और ट्रांसफार्मर फुंक गए जिससे यह आंकड़ा करीब दो दर्जन पर पहुंच गया है। स्टोर से समुचित मात्रा में नए ट्रांसफार्मर नहीं मिलने से हालात बदतर होते जा रहे हैं।
शहर के विभिन्न स्थानों पर फुंके ट्रांसफार्मर करीब दो दर्जन हो गए हैं। इनमें दर्जन भर 400 केवीए क्षमता के हैं बाकी 250 और 100 केवीए के है। रविवार रात पटेलनगर, बाकरगंज, लालाबाजार एवं मुराइन टोला में चार-चार सौ केवीए के ट्रांसफार्मर फुंक गए। विभाग की तरफ से नए ट्रांसफार्मरों की डिमांड भेजी गई है लेकिन स्टोर से आपूर्ति न मिलने की वजह से स्थिति नहीं सुधर रही है। इलाहाबाद से जो ट्रांसफार्मर आ रहे हैं वह लोड नहीं ले पा रहे हैं।
तांबेश्वर नगर, सिविल लाइंस, आवास विकास क्षेत्र में एक आइसक्रीम फैक्ट्री के पास, नगर पालिका कार्यालय के पास जीटी रोड में, कलेक्ट्रेट सहित कई महत्वपूर्ण स्थानों पर ट्रांसफार्मर नहीं बदले गए हैं। इन ट्रांसफार्मरों को जले हुए एक माह बीत रहा है। बिजली संकट झेल रहे लोगों में जबरदस्त गुस्सा है। नए ट्रांसफार्मर इलाहाबाद से मंगाए जाते हैं। इलाहाबाद में ही विभागीय कार्यशाला हैं जहां इनके मरम्मत का काम होता है। यहीं से मंडल के सभी जिलों के लिए ट्रांसफार्मर भेजे जाते हैं। बारिश में जिस हिसाब से ट्रांसफार्मर फुंक रहे हैं उसके चलते बिजली आपूर्ति व्यवस्था चरमरा गई है।
जाम, धरना-प्रदर्शन के बाद बिजली विभाग पुराने ढर्रे पर
फतेहपुर। एक महीने से बिजली संकट के चलते आए दिन सड़क जाम, धरना-प्रदर्शन और तोड़फोड़ जैसी घटनाएं हो रही है। लेकिन शहर की बिजली व्यवस्था वही पुराने ढर्रे पर चल रही है। शादीपुर चौराहा, बांदा-सागर रोड में पीरनपुर, कलक्टरगंज, राधानगर, अशोकरनगर, खंभापुर, आईटीआई रोड, पटेलनगर, सिविल लाइंस, पत्थरकटा चौराहा, मुराइन टोला, ज्वालागंज, बिंदकी बस स्टाप, तांबेश्वर आदि मोहल्ले में हुए धरना-प्रदर्शन और सड़क जाम की दर्जनों घटनाएं हो चुकी हैं। बीते दिनों आबूनगर उपकेन्द्र में जेई के साथ रात में हुई मारपीट भी इसी का परिणाम है। लोगों के गुस्से का शिकार तत्कालीन प्रभारी अधीक्षण अभियंता आर आर सिंह भी बने, जिनके आवास में रात को पत्थर चलाए गए। इसके बावजूद विभाग और जिला प्रशासन इन घटनाओं से सबक नहीं ले रहा है। आंदोलन के बावजूद बिजली व्यवस्था में कोई भी सुधार नहीं हो रहा है।
कर्मचारियों को सतर्क रहने को कहा
फतेहपुर। बिजली संकट को लेकर लोगों के गुस्से को देखते हुए विद्युत कार्यालय का माहौल बदला हुआ है। विभागीय कर्मचारी हर समय सतर्क रहते हैं। सूत्रों की माने तो अधिकारियों ने मातहतों को बाकायदा हालात से अवगत करा दिया है। यहां तक कह दिया है कि किसी भी समय जनाक्रोश का निशाना दफ्तर के कर्मचारी हो सकते हैं। इसलिए हमेशा सतर्क रहो। इसके चलते तमाम मातहत छुट्टी पर चल गए हैं, जो मौजूद हैं वे सहमे-सहमे हैं।
सांसद से ट्रांसफार्मरों की व्यवस्था करने को कहेंगे
फतेहपुर। बुधवार को विकास भवन सभागार में बिजली का मुद्दा जोरशोर से उठेगा। राष्ट्रीय एकीकरण समिति की बैठक में सांसद राकेश सचान से उनकी निधि से एक करोड़ रुपये से ट्रांसफार्मरों को बदलने के लिए मांगा जाएगा। हालांकि बिजली की बदहाली पर सांसद की चुप्पी पर भी सवाल किए जाएंगे। यह जानकारी एकीकरण समिति के सदस्य किशन मेहरोत्रा ने दी।
सदर अस्पताल के मरीजों की हालत बिगड़ी
फतेहपुर। सदर अस्पताल में भरती मरीज बिना बिजली के और बीमार हो रहे हैं। मंगलवार को बिजली गुल होने के बाद रोगियों की हालत खराब हो गई। बाकरगंज फीडर से जुड़ी यहां की बिजली दिनभर आंख मिचौनी करती रही। तीमारदार मरीजों को उनके हाल पर छोड़कर बाहर निकल गए।
अवाम की आवाज
-सिविल लाइंस के सेवानिवृत्त शिक्षक एके सिंह बिजली की हालिया स्थिति से खासे आहत है। बताते हैं कि उन्हें तीन दशक में बिजली की यह दशा देखने को नहीं मिली है। यकीनन प्रशासन असहाय है लेकिन ऐसा भी नहीं कि वह बिजली के लिए बेपटरी हो रहे हालात से उबर न सके।
-खलीलनगर निवासी अधिवक्ता दिनेश रायजादा बिजली समस्या के लिए लोगों को भी दोषी मानते हैं। बिजली चोरी होने के चलते ओवरलोड से ट्रांसफार्मर फुंक रहे हैं, लोगों से बिजली चोरी से बाज आने की अपील की है। अधिवक्ता का कहना है कि बिना जन सहयोग के इस संकट से उबरना मुमकिन नहीं है।
-लालाबाजार के रोजेदार चांदबाबू बिजली किल्लत से दुखी है। जिन्हें वजू के लिए साफ पानी भी नहीं मिल रहा है। उन्हें इसके लिए भोर पहर भटकना पड़ता है। चांदबाबू बिजली विभाग से जितना नाराज हैं, उससे कम प्रशासन से भी नहीं।
- हरिहरगंज की हरप्रीत कौर बिजली के साथ पानी की समस्या को लेकर हलाकान हैं। सुबह बच्चों को स्कूल के लिए तैयार करने के दौरान कई बार झल्लाती हैं, तो इसका कोपभाजन बनने वाले बच्चे मिजाज की मजबूरी को समझते हुए नजरअंदाज कर जाते हैं।
धूमनगंज पहुंचा ट्रांसफार्मर
फतेहपुर। सवा महीने से खागा के धूमनगंज इलाके का फुंका ट्रांसफार्मर मंगलवार को पहुंच गया। जो संभवत: बुधवार तक काम करने लगेगा।
जेनरेटर का किराया एक हजार रुपये रोज
फतेहपुर। ट्रांसफार्मर फुंकने से जेनरेटर का धंधा जोरों पर है। बिजली संकट को लेकर जेनरेटर किराये पर देने वाले भी जमकर वसूली कर रहे हैं। हालात यह है कि जेनरेटर के लिए शहरी आसपास के कस्बों से संपर्क कर रहे हैं। जिन्हें एक दिन के लिए जेनसेट पर आठ सौ से हजार रुपया तक खर्च करना पड़ रहा है।