खजुहा। एक जुलाई की तारीख से नया शैक्षणिक सत्र चालू हो चुका है। सर्व शिक्षा अभियान की अलख जगाने के लिए शासन स्तर से फिर से प्रयास शुरू हो गए हैं। लेकिन इन शुरू हुए प्रयासों के बीच कुछ सवाल भी खड़े हो रहे हैं। मसलन समय से न सरकारी विद्यालय खुल रहे हैं और न ही पढ़ाने वाले दिखाई दे रहे हैं। यह हकीकत इक्का दुक्का विद्यालयों के बजाए तमाम विद्यालयों से जुड़ी है। अमर उजाला/ काम्पैक्ट ने सप्ताह के आखिरी दिन शनिवार को खजुहा ब्लाक की बेसिक शिक्षा का जायजा लिया, तो हालात काफी निराश करने वाले दिखाई दिए।
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सीन एक-
प्राथमिक विद्यालय मिस्सी सुबह सात बज कर पचास मिनट पर बंद मिला। इस दौरान विद्यालय में पढ़ाई के लिए करीब दो दर्जन बच्चे आ चुके थे। एक विद्यार्थी ने टीचर कब आएंगे के सवाल पर कहा-कोई निश्चित समय नहीं है। इस दौरान गुजर रहे ग्राम प्रधान हाफिज अली ने बताया प्रधानाध्यापिका संध्या गौतम की लापरवाही से विद्यालय का शैक्षणिक स्तर नहीं सुधर पा रहा है। जो कानपुर से अप डाउन करने की वजह से कभी भी पूरा समय विद्यालय को देने के लिए नहीं रुकी। खुलासा किया 3 जुलाई को तो ब्लाक के खंड शिक्षा अधिकारी जब निरीक्षण में आए थे तो उन्हें भी ताला बंद मिला था। फिर चलते चलते बोले- देखिए बीएसए दफ्तर क्या करता है।
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सीन दो-
प्राथमिक विद्यालय खूंटा में सुबह आठ बजकर पचास मिनट पर तालाबंदी मिली। विद्यालय परिसर के बाहर एक दर्जन विद्यार्थी मौजूद थे, जो मास्साब के आने का इंतजार कर रहे थे। इस बीच दो विद्यार्थी किसी बात को लेकर गुत्थम गुत्था करने की स्थिति में पहुंच गए। जिन्हें पड़ोसी बाबा ने शांत किया। विद्यालय का छात्र मोनू बोला- वह दो दिन से बिना पढ़ाई के घर लौट रहा है। गांव के राजेंद्र बाबू ने बताया विद्यालय में दो साल से अकेले शिक्षामित्र शैलेंद्र कुमार के सहारे चल रहा है। ऐसे में उससे ज्यादा उम्मीद कैसे की जा सकती है।
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सीन तीन-
प्राथमिक विद्यालय खजुहा प्रथम में सुबह साढ़े नौ बजे कार्यवाहक प्रधानाध्यापक उमेश चंद्र विद्यार्थियों को छोड़कर बाजार करने चले गए थे। इस विद्यालय में 101 फिलवक्त पंजीकृत हुए विद्यार्थी में से ग्यारह विद्यार्थी मौजूद थे। मौके पर मौजूद शिक्षामित्र शालिनी देवी ने बताया अभी बच्चे नहीं आ रहे हैं। जिसके चलते पढ़ाई का अभी माहौल नहीं बन पा रहा है। इसी बीच बाजार से लौटे प्रधानाध्यापक मीडिया की मौजूदगी की जानकारी पाकर सफाई पेश करते हैं। कहते हैं अभी जुलाई भर ऐसा ही चलेगा।
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इंसेट
किसी की नहीं हुई दस्तक
खजुहा। नया शैक्षिणिक सत्र चालू हो चुका है। सरकार सबको शिक्षा का नारा पूरा करने के लिए प्रयासरत है। लेकिन अभी तक ब्लाक क्षेत्र में परिषदीय शिक्षा का जो माहौल है उसमें बच्चों को स्कूल तक लाने की कवायद हाशिए पर नजर आ रही है।
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कोट्स
नए शैक्षणिक सत्र का पहला सप्ताह खानापूरी के नाम पर ज्यादा रहा। कई विद्यालय देखें जो कई सवाल खड़े करते रहे। कहीं मिड डे मील न बनने की शिकायत मिली तो कहीं पर अक्सर देर से स्कूल खुलने की। साफ किया ऐसे मातहत उनके निशाने पर है, जिन पर कार्रवाई होनी तय है।
-आनंद कुमार पटेल, खंड शिक्षा अधिकारी खजुहा
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