बिंदकी(फतेहपुर)। मिड-डे मील योजना कनवर्जन कास्ट से बेहाल है। मई महीने से इसके न मिलने से तमाम परिषदीय विद्यालयों की रसोईयां ठंडी हैं। जिनमें धुंआ उठ रहा है वह हेड मास्टर के रहमोकरम पर। हेड मास्टर जेब का रुपया निकाल कर छात्र व छात्राओं को मध्यांह् भोजन खिलवा रहे हैं। मध्यांह भोजन योजना फिलवक्त पटरी से उतरी नजर आ रही है। वजह योजना संचालन की सबसे मजबूत कड़ी कनवर्जन कास्ट का न मिलना है। अगर नगर क्षेत्र की ही बात करे तो यहां पर नौ परिषदीय व एक जूनियर हाईस्कूल है। इसके अलावा गांधी उच्चतर माध्यमिक विद्यालय व मूलादेवी विद्यालय व कृष्णा जूनियर हाई स्कूल में भी एमडीएम परोसा जाता है। इन विद्यालयों में मई महीने से कनवर्जन कास्ट न मिलने से एमडीएम की रसोई खामोश पड़ीं हैं। समस्या की बाबत कई हेड मास्टर कहते है कनवर्जन कास्ट न होने के बावजूद खाना पकाने का जोर दिया जा रहा है। ऐसे में पास से अब तक हजारों रुपया खर्च हो चुका है। विभागीय स्तर से अभी तक इस मसले पर कुछ नहीं किया गया। आखिर कब तक कोई जेब खाली करता रहेगा। उधर एमडीएम प्रभारी आशीष दीक्षित कहती है कनवर्जन कास्ट भेजी जा रही है।