औंग। जिले में बाढ़ का कहर जारी है। क्षेत्र के जाड़े का पुरवा के साठ लोगों ने घर छोड़ दिया है। एसडीएम बिंदकी ने पहुंचकर बाढ़ पीड़ितों को तिरपाल आदि देकर राहत पहुंचाई। वहीं गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से आगे बढ़ गया है और पांडु नदी के उफनाने की संभावना बढ़ गई है। हालांकि शाम को गंगा जलस्तर में मामूली कमी पाई गई।
जिलाधिकारी आंजनेय कुमार सिंह के निर्देश पर बिंदकी एसडीएम सुनील कुमार गोंड रविवार को बाढ़ चौकी महुवा घाटी टीम के साथ पहुंचे। एसडीएम ने एक रोल तिरपाल काट काटकर जाड़े का पुरवा के लोगों को वितरित कराया। लोगों ने बांस के सहारे से तिरपाल छाया। वहीं नगर पालिका परिषद बिंदकी ने पानी का टैंकर रखवाया
जिससे लोगों को पानी मिल सके। स्वास्थ्य विभाग की टीम भी मौके पर पहुंची और दवाएं दी। एसडीएम बिंदकी ने बताया कि शौच के लिए सचल सुलभ शौचालय की व्यवस्था भी उपलब्ध करा दी जाएगी। दुर्गागंज विद्युत उपकेंद्र जेई कल्लू राम यादव को मौके पर बुलाकर सोमवार को बाढ़ चौकी और बाढ़ पीड़ितों के पास बिजली की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। इस मौके पर अभयपुर प्रधान पुत्र संजय सिंह, आशापुर के प्रधान राजेश सिंह चौहान, लेखपाल शुभम, अभिषेक गुप्ता, स्वास्थ्य टीम के इंद्रपाल रहे।
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गंगा का जलस्तर
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खतरे का निशान- 100.86 मीटर
गंगा पहुंची- 100.960 मीटर सुबह
- 100.890 मीटर शाम
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फोटो- 33- पन्नी से आशियाना बनाते ग्रामीण
बाढ़ का कहर:
जाड़े के पुरवा के साठ लोगों ने घर छोड़ा
- गंगा का जलस्तर खतरे से ऊपर, पांडु के उफनाने की संभावना
- एसडीएम ने पहुंचकर पीड़ितों को बांटे तिरपाल, पहुंची स्वास्थ्य टीम
अमर उजाला ब्यूरो