फतेहपुर। बेसिक शिक्षा विभाग ने मध्याह्न भोजन योजना की कनवर्जन कास्ट के हिसाब-किताब में गड़बड़ी को लेकर 49 स्कूलों को नोटिस जारी किया है। नोटिस जारी होने से विभाग में हड़कंप मच गया है।
मनमानी तरीके से बजट की मांग करना इन स्कूलों की गले की हड्डी बनता दिख रहा है। एमडीएम के डीसी ने
नोटिस जारी कर ऐसे स्कूलों से पांच साल का लेखा-जोखा प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। बेसिक शिक्षा विभाग में सभी स्कूलों को सितंबर महीने तक के लिए कनवर्जन कास्ट और अनाज का मांगपत्र भेजने के निर्देश दिए गए थे। ज्यादार स्कूलों ने मध्याह्न भोजन प्राधिकरण पर हजारों रुपये कर्ज मांग पत्र में दर्शाते हुए धनराशि मांगी है। बजट के
आवंटन के पहले प्राधिकरण ने स्कूलों में भेजी गई धनराशि और खर्च का विस्तृत ब्योरा तैयार किया है। इसमें 49 स्कूल ऐसे चिह्नित हुए हैं, जिनपर खासी धनराशि डंप दर्शा रही है, लेकिन इन स्कूलों ने कनवर्जन कास्ट की मांग की है। बीएसए के निर्देश पर इन स्कूलों के खिलाफ नोटिस जारी किया गया है।
खास बात तो यह है कि ज्यादार ऐसे स्कूलों को नोटिस मिले हैं जिनके हेडमास्टर एक-दो साल के अंतराल में सेवानिवृत्त हुए हैं। माना जा रहा है कि सेवानिवृत्त होने के समय हेडमास्टरों ने एमडीएम खातों की धनराशि खाली
कर दी है। यही धनराशि खातों में अवशेष शो कर रही है। डीसी एमडीएम आशीष दीक्षित का कहना है कि यदि सेवानिवृत्त शिक्षकों के कार्यकाल में धनराशि में गड़बड़ी की गई है, तो संबंधित शिक्षक की पेंशन, फंड से आदि के रिकवरी कराई जाएगी। इसी वजह से एमडीएम का पुराना रिकार्ड तलब किया गया है।
बच्चों के भोजन में गड़बड़ी, 49 स्कूलों को नोटिस
एमडीएम के खाते में धन बचा होने के बावजूद मांगी गई धनराशि
दोष सिद्ध होने पर कर्मचारी के पेंशन, फंड से कराई जाएगी रिकवरी
अमर उजाला ब्यूरो