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अधिवक्ताओं ने बंद कराया एसडीएम दफ्तर का काम

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मर उजाला ब्यूरो
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फतेहपुर। जमानतगीर की धनराशि बढ़ाने से खफा अधिवक्ताओं ने सोमवार को एसडीएम सदर दफ्तर में कामकाज बंद करा दिया। इस दौरान उनकी लिपिकों से नोकझोंक भी हुई। सूचना मिलने पर डीएम कुमार प्रशांत ने दखल दिया और जिला बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों के साथ बातचीत कर उन्हें न्याय के प्रति आश्वस्त किया।

सोमवार को जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष बाबू सिंह यादव के नेतृत्व में अधिवक्ता कलक्ट्रेट पहुंचे। जमानत राशि बढ़ने पर उन्होंने नाराजगी जताई। अधिवक्ता एसडीएम कोर्ट पहुंचे और कोर्ट रूम में ही धरना देकर बैठ गए। कामकाज प्रभावित हो गया। अध्यक्ष ने बताया कि जब 107/116 और 151 शांतिभंग के अंदेशों में पुलिस अभियुक्त को पाबंद कर देती है तो 20-20 हजार के जमानतगीर लगते हैं।
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अब एसडीएम अवनीश राय ने एक जमानतगीर की धनराशि एक लाख रुपये कर दी है। ऐसे में गरीब जमानतगीर कहां से ले आएंगे। इसके अलावा एसडीएम तहसील में बैठते हैं, जिससे कलक्ट्रेट आने वाले फरियादी परेशान होते हैं। आरोप लगाया कि राजस्व न्यायालयों में बिना पैसे कोई काम नहीं हो रहा है।
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इस पर डीएम कुमार प्रशांत ने अधिवक्ताओं से मुलाकात की और जमानतगीर की धनराशि पहले जैसी करने का आश्वासन दिया। इसके बाद अधिवक्ता शांत हुए। कहा कि यदि जमानत राशि कम न हुई तो कोर्ट का बहिष्कार किया जाएगा। बाबूलाल, फूल सिंह लोधी, अमित कुमार, नरेंद्र कुशवाहा, रितेश साहू आदि अधिवक्ता शामिल रहे।


फोटो- 5- कलक्ट्रेट में डीएम से शिकायत करने जाते जिला बार एसोसिएशन के पदाधिकारी।

अधिवक्ताओं ने बंद कराया एसडीएम दफ्तर का काम
जमानतगीर की धनराशि बढ़ाने पर हैं खफा
कलक्ट्रेट पहुंच कर डीएम से भी की शिकायत
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