नाबालिग से दुष्कर्म में दस साल कैद
तीन अन्य दोषियों को पांच साल की सजा
अमर उजाला ब्यूरो
फतेहपुर।
किशोरी को बहला-फुसलाकर ले जाने और बलात्कार के मामले में अदालत ने मुख्य अभियुक्त को दस साल कैद की सजा सुनाई है। किशोरी को भगाकर ले जाने में सहयोग करने में आरोपी के भाई और दो अन्य लोगों को पांच-पांच साल की सजा सुनाई है।
घटना 13 मई 2008 की है। कोतवाली क्षेत्र के जोनिहा रोड स्थित एक भट्ठे पर जाफरगंज थाने के खूंटाझाल निवासी प्रकाश और नरेश (दोनो सगे भाई) और मुचवापुर निवासी पंथी और उसका बेटा अजीत काम करते थे। प्रकाश तीनों के सहयोग से भट्ठे पर काम करने वाली 14 वर्षीय किशोरी को बहला फुसलाकर पंजाब ले गया। वहां साथ रखकर दुष्कर्म किया। करीब ढाई महीने बाद पुलिस सभी को पंजाब से पकड़ कर लाई और बलात्कार और अपहरण का मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया। फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम के जज मनराज सिंह ने मामले की सुनवाई की। सहायक शासकीय अधिवक्ता सहदेव गुप्ता और अजय पटेल ने आरोपियों के खिलाफ सबूत और दलीलें पेश किया। इस पर कोर्ट ने मुख्य आरोपी प्रकाश को दस साल की कैद और 20 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है। प्रकाश के भाई नरेश, पंथी और उसके बेटे अजीत को पांच साल कैद और पांच-पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई है।