फोटो-28-कुंवरपुर से मलवां जाने वाला खंदक में तब्दील मार्ग। संवाद
फतेहपुर। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत कुंवरपुर से मलवां रेलवे स्टेशन होते हुए कोटिया तक बनी सड़क मात्र 11 महीनों में ही धराशायी हो गई। 11.86 करोड़ रुपये की लागत से तैयार इस सड़क की कई जगहें धंस चुकी हैं। सतह उखड़कर केवल गिट्टी ही दिखाई दे रही है।
निर्माण करने वाली फर्म सूरज बिल्डिंग इंडिया लिमिटेड गोमतीनगर लखनऊ ने पांच साल की गारंटी भी ली थी लेकिन सड़क निर्माण के दौरान मानक पूरा न होने की शिकायतों के बावजूद विभाग ने कोई कार्रवाई नहीं की। ठेकेदार को भुगतान होने के कुछ ही महीनों में सड़क टूटने लगी।
जब ग्रामीणों और क्षेत्रीय स्वयंसेवी संस्था ने आईजीआरएस पर शिकायत दर्ज कराई तो गठित जांच अधिकारी बिना मौके पर जाकर सड़क को सही बताकर क्लीनचिट दे दी। इस पर क्षेत्र की युवा विकास समिति ने सड़क की खराब स्थिति के फोटो और गूगल लोकेशन के साथ फिर से शिकायत की और निर्माण फर्म पर कार्रवाई की मांग की।
जिलाधिकारी रविंद्र सिंह ने कहा कि जांच अधिकारी की गलत रिपोर्ट पर कार्रवाई होगी। गारंटी अवधि के तहत सड़क को फिर से ठीक कराना निर्माण फर्म की जिम्मेदारी है।
फोटो-28-कुंवरपुर से मलवां जाने वाला खंदक में तब्दील मार्ग। संवाद