फतेहपुर। खंड विकास अधिकारी विजयीपुर के भ्रष्टाचार का मामला सदन में गूंजा। विधान परिषद सदस्य शशांक यादव ने सदन में बीडीओ विजयीपुर का मुद्दा उठाते हुए कहा कि विजयीपुर ब्लाक के बीडीओ गोपीनाथ पाठक के विरुद्ध 35 ग्रामीणों ने रिश्वत मांगने की शिकायत की है। शिकायतकर्ता प्रधानों को ही कार्रवाई में फंसाने की धमकी मिल रही है। बीडीओ पूर्व में भी ऐसे ही आरोपों के चलते जेल तक जा चुके हैं।
प्रमुख सचिव विधान परिषद ने इस संबंध पत्राचार कर विकास महकमे से जवाब मांगा है। हालांकि जनपद स्तर पर प्रधान पहाड़पुर मदन सिंह की अगुवाई में 35 प्रधानों ने करीब तीन माह पहले बीडीओ विजयीपुर गोपीनाथ पाठक के विरुद्ध मोर्चा खोला था। बाद में जिला प्रशासन की ओर से उल्टे ग्राम प्रधान पहाड़पुर के विरुद्ध ही
एफआईआर दर्ज करा दी गई थी। हालांकि प्रधानों की शिकायत को संज्ञान में लेते हुए बीडीओ की जांच के लिए पीडी अशोक कुमार निगम, उप कृषि निदेशक अनिल कुमार पाठक और लोक निर्माण विभाग के प्रांतीय खंड के अधिशासी अभियंता रूपेश सोनकर की कमेटी गठित है। पर, ताज्जुब है कि लगभग डेढ़ माह बीत जाने के बाद भी
कमेटी जांच करने नहीं गई। प्रधानों ने आरोप लगाया था कि अधिकारी अपने संवर्ग के अधिकारी को बचाने का प्रयास कर रहे हैं और शिकायतकर्ताओं पर ही एफआईआर कराई जा रही है। पीडी अशोक निगम ने बताया कि बीडीओ की जांच के लिए शिकायतकर्ता प्रधान पहाड़पुर को दो बार पत्र भेजकर साक्ष्य मांगे गए थे। उन्होंने कोई साक्ष्य नहीं दिया, जिससे जांच नहीं हो सकी। पीडी का कहना है कि सदन को पत्र भेजकर बताया गया है कि बारह फरवरी को जांच कमेटी विजयीपुर ब्लाक पहुंचेगी और शिकायतकर्ताओं की मौजूदगी में बीडीओ पर लगे आरोपों की जांच करेगी। जांच रिपोर्ट की प्रति सदन को भी भेजी जाएगी।
बीडीओ वियजीपुर पर कार्रवाई की मांग
एमएलसी ने विधान परिषद में उठाया मुद्दा, 12 फरवरी को जांच को पहुंचेगी टीम
अमर उजाला ब्यूरो