बिजली की अघोषित कटौती बनी मुसीबत
फतेहपुर। जिले की बिजली व्यवस्था बेपटरी है। बिजली की अघोषित कटौती कम होने के बजाय बढ़ती जा रही है। इससे लोगों में आक्रोश है। बिजली जाने का कोई समय नहीं है। रोस्टिंग के नाम पर बिजली की कटौती की जा रही है। बाद में इसकी भरपाई नहीं हो रही है। ग्रामीण क्षेत्रों की बिजली व्यवस्था भी ध्वस्त है।
प्रदेश सरकार की शहर में 24 घंटे और ग्रामीण क्षेत्र में 18 घंटे बिजली आपूर्ति देने की योजना फेल है। शहर में 24 घंटे में 12 से 14 घंटे कटौती हो रही है। लोगों को 10 से 12 घंटे ही आपूर्ति मिल रही है। बिजली की इस कटौती से लघु उद्योग प्रभावित हो रहे हैं। शांती नगर के इसरार ने बताया कि बेल्डिंग व खराद की दुकान है। दुकान में काम करने वाले मजदूर सुबह आ जाते हैं। बिजली की सप्लाई ठीक से न मिलने से काम नहीं हो पाता है। मजदूरों को बिना काम के रुपया देना पड़ता है।
वहीं ग्रामीण क्षेत्र के असोथर, थरियांव, करमचंद्रपुर सांड़ा, हुसैनगंज, गाजीपुर में बिजली कटौती के साथ ही लो-वोल्टेज की समस्या है। लो-वोल्टेज की वजह से किसानों के नलकूप नहीं चल रहे हैं। इससे फसलों की सिंचाई नहीं हो पा रही।
अधीक्षण अभियंता आरआर सिंह ने बताया कि रोस्टिंग का आदेश ऊपर से आता है। इसी आधार पर कटौती की जाती है। लो-वोल्टेज की समस्या पूरे जिले में है। इसकी शिकायत ट्रांसमिशन में दर्ज करा दी गई है।
- शहर में 24, ग्रामीण क्षेत्र में 18 घंटे आपूर्ति के निर्देश फेल
अमर उजाला ब्यूरो