फतेहपुर। घरेलू गैस सिलिंडर पर सब्सिडी जारी रखने और गैस सिलिंडर लेने के लिए आधार बायोमीट्रिक सत्यापन ई-केवाइसी कराना अनिवार्य किया गया है। 30 सितंबर तक ई-केवाइसी नहीं कराने वाले उपभोक्ताओं को एक अक्तूबर से सब्सिडी का लाभ नहीं मिलेगा। ऐसे उपभोक्ताओं को सिलिंडर बाजार मूल्य पर खरीदना पड़ेगा।
जिले में पांच लाख 54 हजार 280 गैस सिलिंडर उपभोक्ता हैं। इनमें आईओसी के चार लाख 24 हजार 972, बीपीसीएल के 91 हजार 541 और एचपीसीएल के 37 हजार 767 उपभोक्ता हैं। इनमें 72 हजार 503 उपभोक्ताओं ने अभी तक ई-केवाइसी नहीं कराई है।
एलपीजी रिफिल की बुकिंग के लिए बायोमीट्रिक आधार केवाईसी अनिवार्य की गई है। फर्जी और डुप्लीकेट कनेक्शन पर रोक लगाने तथा पात्र परिवारों तक लाभ पहुंचाने के लिए यह प्रक्रिया शुरू की गई है।
हालांकि गैस उपभोक्ताओं का आरोप है कि ई-केवाइसी कराने में गैस एजेंसियों का सहयोग नहीं मिल रहा है। सत्यापन कराने में कई परेशानियां आ रही हैं।
जिला पूर्ति अधिकारी (डीएसओ) सुनील पुष्कर ने बताया कि 30 सितंबर तक कनेक्शन धारक ई-केवाइसी करा लें, ताकि सब्सिडी का लाभ मिलता रहे। सत्यापन नहीं कराने पर गैस आपूर्ति बंद नहीं होगी, लेकिन सिलिंडर बाजार मूल्य पर लेना पड़ेगा। ई-केवाइसी कराने के बाद फिर सब्सिडी मिलने लगेगी।
10 किलो का सिलिंडर 4450 रुपये में मिलेगा
डीएसओ सुनील पुष्कर ने बताया कि बिना ई-केवाइसी के सिलिंडर महंगे दामों पर मिलेंगे। 10 किलो का सिलिंडर लेने के लिए 4450 रुपये और पांच किलो के सिलिंडर के लिए 16 रुपये चुकाने पड़ेंगे। एक बार सिलिंडर लेने के बाद दोबारा भरवाने के लिए 10 किलो के सिलिंडर के लिए 1400 रुपये और पांच किलो के सिलिंडर के लिए 767 रुपये का भुगतान करना पड़ेगा।
मोबाइल एप के जरिये करें केवाईसी
गैस कंपनी का आधिकारिक एप डाउनलोड करें। इंडेन गैस के लिए इंडेन ऑयल, भारत गैस के लिए हेलो बीपीसीएल और एचपी गैस के लिए एचपी एप का इस्तेमाल करें। मोबाइल फोन में आधार फेस आरडी एप भी इंस्टाल करना होगा। ई-केवाइसी का विकल्प चुनकर चेहरा स्कैन करने के बाद प्रक्रिया पूरी की जा सकती है।
गैस एजेंसी से करा सकते हैं ई-केवाइसी
एप का इस्तेमाल न कर पाने वाले उपभोक्ता अधिकृत गैस एजेंसी पर जाकर ई-केवाइसी करा सकते हैं। इसके लिए आधार कार्ड, गैस पासबुक और रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर साथ ले जाना होगा। एजेंसी पर फिंगर प्रिंट या आइरिस (आंख) स्कैनर डिवाइस से बायोमीट्रिक सत्यापन किया जाएगा। इसके बाद एलपीजी आपूर्ति बाधित नहीं होगी।