अरगल किले पर पुलिस का पहरा
फतेहपुर। मुगल शासन कालीन अरगल किले की खोदाई करने वाले जेसीबी चालक की तलाश में जुटी पुलिस ने किले में पहरा तेज कर दिया है। एसडीएम ने बुधवार को किले की खोदाई करने वाले के खिलाफ कार्रवाई के लिए कहा है।
पुलिस ने अरगल स्टेट के किले में जेसीबी से खोदाई के दौरान निकली प्राचीन शिला, घड़े, सिलबट्टा आदि को कब्जे में ले लिया है। गांव का ही एक व्यक्ति किले की जमीन पर कब्जा करने के लिए उसे समतल करा रहा था।
जानकारी होने पर एसडीएम सत्यप्रकाश सिंह ने थानाध्यक्ष जाफरगंज अरविंद कुमार गौतम को किले की जेसीबी से हो रही खोदाई रोकने के आदेश दिए थे। देवरी चौकी इंचार्ज आशुतोष सिंह ने काम रुकवा कर चालक से जेसीबी चौकी ले चलने के लिए कहा था। मौका मिलते ही चालक जेसीबी लेकर फरार हो गया।
एसडीएम ने बताया कि थानाध्यक्ष जाफरगंज को कार्रवाई करने निर्देश दिए गए हैं। राजस्व विभाग की टीम लगाकर जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।
- एसडीएम ने दिए कार्रवाई के निर्देश, जेसीबी चालक की तलाश में जुटी पुलिस
अमर उजाला ब्यूरो
उपेक्षा का शिकार है किला
बिंदकी। मुगल शासन काल में बिंदकी में अरगल स्टेट थी। स्टेट में स्थित अरगलेश्वर मंदिर अभी भी आस्था का केंद्र है। मंदिर में दर्शन के साथ ही किला देखने के लिए आसपास के जनपदों से लोग आते हैं। ग्रामीणों ने बताया कि पुरातत्व विभाग की उदासीनता के कारण किले का अस्तित्व मिटता जा रहा है। किले की ईंटें व जंगले पहले ही दबंग गायब कर चुके हैं।
प्राचीन धरोहर को बचाने की मांग
अमौली विकास खंड की रिंद नदी के किनारे किला है। अरगल के अंतिम राजा चंद्रभान सिंह गौतम 1100 ईस्वी में स्टेट का संचालन करते थे। क्षेत्रीय बुजुर्ग बताते हैं कि उनके तीन पु़ित्रयां थीं। उनकी संतानें यहां आकर अपने बुजुर्गों की यादें ताजा करती हैं। अरगलेश्वर मंदिर की साध्वी कमलेश्वरी ने बताया कि तीन वर्ष पूर्व अरगल स्टेट से जुड़े परिजनों ने मंदिर में एक कमरे का निर्माण कराकर भगवान की मूर्तियां स्थापित कराई थीं। ग्रामीणों ने इस प्राचीन धरोहर को बचाने की प्रशासन से मांग की है।