फतेहपुर। गेहूं बेचने वाले किसानों का पंजीकरण करने के लिए खाद्य एवं रसद विभाग ने वेबसाइट शुरू कर दी है। किसानों को लोकवाणी केंद्र, जनसेवा केंद्र और कैफे कंप्यूटर सेंटर में अपना पंजीकरण कराना होगा। पूर्व में धान, गेहूं बेचने के लिए कराए गए रजिस्ट्रेशन को संशोधित कराना होगा। एक अप्रैल से समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीद शुरू होगी और किसानों के खाता में चार दिन के अंदर रुपया पहुंचेगा।
समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीद के लिए 35 क्रय केंद्र बनाए गए हैं। इसमें हाट शाखा, पीसीएफ के 14-14 क्रय केंद्र, कर्मचारी कल्याण निगम के दो और यूपी एग्रो के पांच क्रय केंद्र हैं। एक अपै्रल से 15 जून तक गेहूं की खरीद होगी। किसानों के गेहूं की तौल कराने का समय सुबह नौ बजे से शाम छह बजे तक तय हुआ है। डिप्टी आरएमओ
रमेश श्रीवास्तव ने बताया कि जो किसान खरीफ विपणन वर्ष 2018-19 मेें पंजीकरण करा चुके हैं। उनको दोबारा पंजीकरण नहीं कराना है लेकिन प्रपत्र में संशोधन कराना है। गेहूं बुआई का क्षेत्रफल अपने हिस्से की जमीन का दर्ज कराना होगा। क्रय केंद्र में गेहूं बेचने के लिए किसानों को पंजीकरण प्रपत्र के साथ कंप्यूटराइज खतौनी, फोटोयुक्त पहचान पत्र, बैंक के पहले पेज की पासबुक की फोटोकापी और आधारकार्ड साथ में लाना होगा। डिप्टी आरएमओ ने बताया कि शासन से गेहूं खरीद का लक्ष्य अभी तक तय नहीं हुआ है।
गेहूं खरीद का मानक
समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीद करने के लिए शासन स्तर से मानक तय किए गए हैं। इसमें दो फीसदी तक क्षतिग्रस्त दाना, सिकुड़े एवं टूटे दाना छह प्रतिशत, अन्य मिश्रित खाद्यान दो प्रतिशत, 12 फीसदी नमी होने पर गेहूं क्रय केंद्र में खरीदा जाएगा।