परिषदीय स्कूलों में विलंब से शुरू होगी पढ़ाई
फतेहपुर। परिषदीय स्कूलों में पठन पाठन का काम इस बार भी देरी से शुरू होगा। अभी तक किताबें नहीं पहुंचीं हैं। यूनिफार्म के लिए बजट भी नहीं मिला है। अधिकारी मौखिक खर्च पर स्कूल की व्यवस्थाएं करने का ढिंढोरा पीट रहे हैं।
शासन की ओर से पहली जुलाई से स्कूलों में पठन पाठन शुरू करने का फरमान है। पहली जुलाई से ही बच्चों को किताबों के साथ यूनिफार्म वितरण के आदेश हैं। हाल यह है कि विभाग के पास न तो बच्चों को बांटने के लिए किताबों की व्यवस्था है और न ही यूनिफार्म खरीदने के लिए बजट।
यूं वर्ष 2015 तक मई महीने से जिला मुख्यालय को किताबों की आपूर्ति मिलना शुरू हो जाती थी। 15 जून के बाद किताबें बीआरसी पर भेजने का काम शुरू होता था। वर्ष 2016 से किताबों की आपूर्ति व्यवस्था पटरी से उतर गई। यह अब तक नहीं सुधर पाई है। यूनिफार्म का बजट भी विभाग के खाते में अप्रैल महीने में आता रहा है।
इस बार अभी तक फूटी कौड़ी नहीं मिली है। जिले में दो लाख 30 हजार पंजीकृत बच्चों को सिलवाकर यूनिफार्म बांटनी हैं। इसमें समय लगेगा। ऐसे में साफ है कि बजट आने के बाद यूनिफार्म वितरण में महीनों का समय लगेगा।
बीईओ मुख्यालय राकेश सचान का कहना है कि शनिवार को प्रकाशन से किताबों की आपूर्ति के लिए वार्ता की गई है। जून के अंत तक किताबें भेजने का आश्वासन मिला है। किताबें आते ही वितरण शुरू करा दिया जाएगा।
यूनिफार्म के लिए बच्चों की नाप जोख कराने का फरमान जारी किया गया है। शिक्षक दुकान से कपड़ा लेकर यूनिफार्म सिलवा लें। बजट आने पर भुगतान कर दिया जाएगा।
- अभी तक नहीं पहुंचीं किताबें,यूनिफार्म के लिए भी नहीं मिला बजट