फतेहपुर। युद्धस्तर पर जिलेभर में अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाने के बाद विकास कार्य न होने से लोग अपने आपको ठगा सा महसूस कर रहे हैं। जिला प्रशासन ने विकास कार्य की दुहाई देकर पहले तो खुद ही अपना अतिक्रमण गिरा कर डाला अब काम न होने से लोगों में नाराजगी है।
सोमवार को अमर उजाला से बातचीत में चौक के ठठराही (बर्तन बाजार) में रहने वाले लोगों ने कहा कि काम हो नहीं रहा। पहले तो जेसीबी से घरों को तोड़ डाला अब विकास कार्य न हुआ तो यह जनता के साथ धोखा होगा। शहर के चौक से ठठराही को जाने वाले क्षेत्र में सड़क के दोनों ओर अतिक्रमण हटाया गया था। यहां पर लोगों ने
स्वयं अपने हाथों से घरों के आगे का हिस्सा तोड़ा था। लोगों को उम्मीद थी कि शायद शहर में कुछ नया हो और इसका लाभ सभी को मिले। हालांकि जिलाधिकारी रहे आंजनेय कुमार सिंह ने यह विश्वास दिलाया था कि जनता सहयोग करे काम होगा लेकिन उनके चले जाने से अब व्यवस्थाएं बदल गई हैं।
खागा नगर के तीन प्रमुख सड़कों के दोनों तरफ का स्थायी और अस्थायी अतिक्रमण पूरी तरह से हटा दिया गया है। अतिक्रमण हटने के बाद भी अभी तक न तो सड़कों का चौड़ीकरण हुआ और न ही डिवाइडर का निर्माण हुआ। जनता की परेशानी कम होने का नाम नहीं ले रही। तत्कालीन डीएम आंजनेय कुमार सिंह के निर्देश पर पूर्वी बाईपास से लेकर पश्चिमी बाईपास तक जीटी रोड, चौक बाजार से रेलवे क्रासिंग तक किशनपुर रोड, बस स्टॉप तिराहे से लेकर हाईवे बाईपास तक नौबस्ता रोड का स्थायी और अस्थायी अतिक्रमण हटाने का अभियान जोड़-तोड़
से चलाया गया। सारा अतिक्रमण हटा दिया गया। सड़क के मध्य से 35-35 फीट दोनों ओर मानक तय था। अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान प्रशासन ने वादा किया था कि इन प्रमुख सड़कों का चौड़ीकरण कराया जाएगा। डिवाइडर का निर्माण कराया जाएगा। अतिक्रमण हटने के कई माह बाद भी केवल नौबस्ता रोड का चौड़ीकरण हुआ है, जो पहले से ही स्वीकृत था। जीटी रोड और किशनपुर रोड जस की तस है। नगर के सूर्य प्रकाश, राजेश साहू, अशोक कुमार श्रीवास्तव, सभासद प्रभाकर गुप्ता, ज्ञानेंद्र केसरवानी ने बताया कि अतिक्रमण हटाने में लाखों रुपये का नुकसान हो गया। सड़कों की हालत ज्यों का त्यों है। कोई सुविधा नहीं मिली। वहीं ईओ लालचंद्र मौर्य ने बताया कि सड़कों के चौड़ीकरण और डिवाइडर के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया है। पीडब्लूडी जेई धमेंद्र ने बताया कि बजट आने के बाद ही निर्माण शुरू हो सकेगा।