फतेहपुर। बिजली कर्मचारियों की हड़ताल खत्म हो गई, पर शहर की 50 हजार की आबादी में पानी के लिए जूझती रही। 36 घंटे से आबू नगर उपकेंद्र बंद होने से घरों में लगे नलों में पानी की बूंद नहीं टपकी। सुबह नगर पालिका से भेजे गए 32 टैंकर पानी भी प्यास नहीं बुझा पाया। जनरेटर से आवास विकास का नलकूप चलाया गया, लेकिन उससे भी समस्या का निदान नहीं हो पाया।
आबूनगर विद्युत उपकेंद्र से कलक्ट्रेट, दीवानी, आवास विकास कालोनी, आदर्श नगर, रानी कालोनी, आबूनगर, नउवाबाग, चित्रांशनगर, पटेलनगर, शादीपुर, सिविल लाइन आदि मोहल्लों को बिजली मिलती है। आबूनगर उपकेंद्र 18 मार्च की सुबह 7:15 बजे से बंद है। पहले दिन, तो घरों में स्टाक पानी से लोगों का किसी तरह काम चल गया।
रविवार को सुबह घरों में दिनचर्या के लिए पानी नहीं रहा। ऐसे में रात तीन बजे से जहां पर सरकारी हैंडपंप थे, पानी के लिए लोगों की लाइन लगी रहीं। कुछ देर में हैंडपंपों के बोल जाने पर लोगों ने पानी के लिए नगर पालिका में गुहार लगाई।
एक साथ सिर्फ आवास विकास कालोनी में 32 टैंकर पानी भेजा गया, लेकिन पूर्ति नहीं हो पाई। जिन घरों में सबमर्सिबल लगे हैं, लोगों ने सहयोग से जनरेटर लगाकर पानी लिया। दोपहर बाद डीएम के आदेश पर नगर पालिका ने आवास विकास कालोनी का नलकूप जनरेटर दो घंटे के लिए चलाया, लेकिन पंप न चल पाने से पानी घरों में नहीं पहुंच पाया।
आदर्शनगर निवासी रोहित का कहना है कि पानी का संकट पहली बार देखा है। इस तरह की स्थिति पहले कभी नहीं हुई। पूरे 36 घंटे से पानी न आने से लोगों को तरसना पड़ा। नगर पालिका ने टैंकर भेजकर लोगों को राहत पहुंचाई है।
पटेलनगर निवासी राजेश पटेल कहते हैं कि पहले दिन तो किसी तरह से घरों में स्टाक पानी से काम चल गया था, लेकिन रविवार की सुबह घरों में शौच के लिए पानी नहीं मिला। लोग अन्य मोहल्लों में रहने वाले परिचितों के यहां जाकर स्नान आदि से निवृत्त हुए।
नगर पालिका ने लोगों को पानी उपलब्ध कराने की हरसंभव कोशिश की। आबूनगर उपकेंद्र प्रभावित मोहल्लों में 32 टैंकर पानी भेजा गया। रात दो बजे से टैंकर भराना पड़ा। इसके बाद भोर पांच बजे प्रभावित क्षेत्रों में टैंकर भेजे गए। लोगों को जरूरत का पानी मिले यही नगर पालिका कर्तव्य है।
- विजय कुमार, अवर अभियंता जलकल
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