हसवा/थरियांव। हसवा रजबहा में रविवार रात दो जगह खांदी कटने से करीब 50 बीघा फसल जलमग्न हो गई। सुबह लोग खेतों पर पहुंचे, तो फसलों में पानी भरा देखकर उनके होश उड़ गए।
फोन से विभागीय अधिकारियों को सूचना दी। काफी देर इंतजार करने के बाद जब कोई मौके पर नहीं पहुंचा तो खुद ही खांदी बांटने में जुट गए और कड़ी मशक्कत के बाद खांदी बांध दी।
हसवा रजबहा की रसूलाबाद माइनर में असवा गांव के पास पहले से पटरी कटी हुई थी। सिल्ट सफाई के दौरान भी इसे सही नहीं किया गया था। रविवार रात रजबहा से होकर माइनर में पानी आया और फसलों में भर गया।
सुबह जब लोग खेतों पर गए, तो पानी खेतों में भर रहा था। दर्जनों की संख्या में ग्रामीण पहुंचे और खांदी बांधी। चार घंटे कड़ी मशक्कत के बाद ग्रामीण खांदी बांध पाए। राई, सरसों और आलू की फसल में पानी भरने से किसानों का लाखों रुपये का नुकसान हुआ है।
मौके पर पहुंची महिलाएं नुकसान को देखकर रोने लगीं। ग्रामीणों का कहना है कि सिंचाई विभाग की लापरवाही से हमेशा फसलों का नुकसान होता है। थरियांव क्षेत्र में टेक्सारी बुजुर्ग गांव के पास रजबहा में खांदी कट गई।
फसलों में नहर के पानी को भरता देखा तो किसान हक्का बक्का रह गए। प्रधान को सूचना दी और ग्रामीणों ने खांदी बांधी।
किसान रामदास का कहना है कि चार बीघे खेत में चना की फसल खड़ी थी। रात में अचानक पानी भर गया है। पानी भरने से चना की पूरी फसल बर्बाद हो जाएगी। लेखपाल को सूचना दी गई है, लेकिन अभी तक नहीं आया है।
किसान रामप्रताप का कहना है कि चना व गेहूं की फसल में पानी भर गया है। खांदी बांधने के बाद खेत से पानी उतार रहे हैं। गेहूं की फसल में तो कम नुकसान होगा, लेकिन चना की फसल तो एकदम से बर्बाद हो जाएगी।
किसान नीरज का कहना है कि विभागीय अधिकारियों को खांदी कटने की जानकारी दी गयी है, लेकिन कोई भी कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचा। इतनी ठंड में पानी के भीतर घुसकर खांदी बांधी गयी है। जो काम विभाग का है उसे हम लोगों को करना पड़ता है।
किसान पतराखन का कहना है चना की फसल तो बर्बाद हो गई। गांव के लोगों के साथ मिलकर खांदी बांधी गई है। ठंड भी लग गई और पुआल जलाकर तापना पड़ा। तब कुछ राहत मिली, लेकिन अभी भी सीने में दर्ज हो रहा है।
कोट्स
असवां में खांदी कटने की सुबह सूचना मिली थी। सिंचाई विभाग की टीम को मौके पर भेजा गया था, लेकिन टीम के पहुंचने से पहले ही ग्रामीणों ने खांदी बांध दी थी।
दोबारा खांदी न हो, इसके लिए पटरी को मजबूत कराया गया है। टेक्सारी बुजुर्ग में खांदी कटने की सूचना नहीं मिली है। - महेंद्र सिंह, अधिशासी अभियंता, सिंचाई खंड
राम प्रताप - हसवा में खांदी की खबर पर प्रतिक्रिया- फोटो : FATEHPUR
नीरज - हसवा में खांदी की खबर पर प्रतिक्रिया- फोटो : FATEHPUR
पतराखन - हसवा में खांदी की खबर पर प्रतिक्रिया- फोटो : FATEHPUR