श्रम विभाग के वरिष्ठ सहायक जबरन सेवानिवृत्त
फतेहपुर। जिले के श्रम विभाग में कार्यरत वरिष्ठ सहायक जय नारायण को जबरन सेवानिवृत्ति दे दी गई है। जिले में इस तरह की सेवानिवृत्ति देने का यह पहला मामला है। हालांकि कई लोगों की सूची बनकर तैयार हो गई है। इसे दो-तीन दिन में शासन को भेजा जाना है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लापरवाही करने वाले 50 पार के कर्मचारियों को सेवानिवृत्त करने के लिए कहा था। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद ने जबरन सेवानिवृत्ति को गलत ठहराया है। परिषद के नेताओं का इनका कहना है कि यह नियम अफसरों व नेताओं पर भी लागू होना चाहिए।
जय नारायण इलाहाबाद के मूल निवासी हैं। यह उपश्रमायुक्त कार्यालय में तैनात थे। मई में तबादले पर सहायक श्रमायुक्त कार्यालय में वरिष्ठ सहायक बनकर आए थे। सहायक श्रमायुक्त कार्यालय की ओर से दिखाया गया है कि दो अगस्त 17 को स्क्रीनिंग के बाद उनको सेवानिवृत्ति दी गई है। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद ने स्क्रीनिंग में श्रम विभाग के वरिष्ठ सहायक जयनारायण को सेवानिवृत्ति देने को अनुचित ठहराया है।
जनपदीय सचिव विनोद कुमार श्रीवास्तव का कहना है कि प्रदेश संगठन ने ऐसे कर्मचारियों की सूची प्रशासन से मांगी है। इसके बाद जबरन सेवानिवृत्ति देने के मामले में परिषद आंदोलन की रणनीति तय करेगी। उन्होंने कहा कि संगठन सरकार के इस निर्णय के खिलाफ है। कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति देने के साथ इसी मानक के आधार पर अधिकारी और जनप्रतिनिधियों को सेवानिवृत्ति दी जाए।
- राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद ने जताई नाराजगी, कर्मचारी नेता बोले, पचास वर्ष पार का नियम अफसरों और नेताओं पर भी हो लागू
अमर उजाला ब्यूरो
इन बिंदुओं पर की गई स्क्रीनिंग
1- कर्मचारी की 10 वर्ष की गोपनीय चरित्र पंजिका।
2- लघु दंड जैसे, प्रतिकूल प्रविष्टि, सत्यनिष्ठा संदिग्ध, रिकवरी आदेश आदि।
3-वृहद दंड, जैसे स्थायी तौर पर रोकी गई वेतनवृद्धि।
4- पारिवारिक और व्यक्तिगत मुकदमों में जेल या अभियोजन स्वीकृत।
5 - उच्च अधिकारी के विरुद्ध किए गए आंदोलन एवं प्रकरण।
6- शारीरिक दुर्बलता व अपंगता की स्थिति।