फतेहपुर। जिले में दशकों से 41 गैर मान्यता मदरसे संचालित हैं। वहीं, 16 मदरसों में सिर्फ उर्दू, अरबी और कुरान की शिक्षा दी जा रही है, जबकि शासनादेश में सभी विषयों को पढ़ाना है। एक साल पहले सभी गैर पंजीकृत मदरसों का सत्यापन हो चुका है। गुरुवार को मुख्य सचिव के आदेश के बाद सभी गैर मान्यता प्राप्त मदरसे बंद होंगे।
उन्होंने कहा कि इन मदरसों में पढ़ रहे छात्रों को सरकारी स्कूलों में दाखिला दिलाया जाएगा। इसे लेकर डीएम की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय टीम गठित करने का आदेश दिया गया है। आदेश में यह भी कहा गया है कि ऐसे मदरसे, जो मानकों के आधार पर यूपी बोर्ड, सीबीएसई समेत अन्य बोर्ड की अर्हता रखते हैं, तो वह मान्यता लेकर विद्यालय संचालित कर सकते हैं।
जिले में वर्तमान में कुल 152 मदरसों का संचालन हो रहा है। वर्ष 2022 में जिला अल्पसंख्यक कल्याण विभाग ने जिले के सभी मदरसों का सत्यापन किया था। इसमें गैर पंजीकृत मदरसों की संख्या 41 थी। इनमें कुल 3,706 बच्चे शिक्षा ले रहे हैं। 16 मदरसे ऐसे हैं, जहां 1,037 बच्चों को सिर्फ उर्दू, कुरान और अरबी की ही तालीम दी जा रही है। अन्य 25 गैर पंजीकृत मदरसों में बच्चों को उर्दू, कुरान के साथ-साथ हिंदी, अंग्रेजी और गणित, विज्ञान की भी शिक्षा दी जा रही है।
वहीं, प्रावधान है कि मदरसों में उर्दू, कुरान के साथ सभी विषयों की शिक्षा दी जाए। दो गैर पंजीकृत मदरसों में पिछले करीब पांच साल से पढ़ाई बंद है। सभी मदरसों का संचालन आवामी चंदे और गांव के सहयोग से हो रहा है। वहीं, दो मदरसों में बच्चों से हर महीने फीस ली जा रही है। शासन के आदेश पर जिला अल्पसंख्यक कल्याण विभाग ने पिछले साल नवंबर में सभी मदरसों का सत्यापन कर शासन को रिपोर्ट भेज दी थी। अब वह मदरसे बंद होंगे या उन्हें संचालन के लिए सक्षम बोर्ड से मान्यता लेनी होगी।
ग्रामीण क्षेत्रों में सबसे अधिक गैर पंजीकृत मदरसे
ग्रामीण क्षेत्रों में सबसे अधिक गैर पंजीकृत मदरसे संचालित हैं। शहर से लगे ग्रामीण क्षेत्र तुराब अली का पुरवा, बहरामपुर, मसवानी, शहर के आजाद नगर, गांव हसवां, मंझूपुर, सरायं खरगू, चखेड़ी, ललौली, गाजीपुर, खखरेरू, मंगरेमऊ, बिंदकी क्षेत्र के गांव दलेलखेड़ा, जाफरगंज, प्रतापपुर, कोरवां, आलमगंज, गौरी, जिगनी सहित कई इलाकों में गैर पंजीकृत मदरसों का संचालन हो रहा है।
छह अनुदान प्राप्त मदरसों पर संकट टला
जिले के छह मदरसों को सरकार से अनुदान मिलता है और वहां पर शासन स्तर पर शिक्षकों की नियुक्ति है। इन मदरसों के संचालन को रोकने के हाईकोर्ट के आदेश पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगाई है। यह मदरसे बिना रुकावट संचालित होते रहेंगे।
वर्जन
सभी मदरसों का सत्यापन कर शासन को रिपोर्ट पहले ही भेजी जा चुकी है। शासन से निर्देश मिलने पर आगे की कार्रवाई करेंगे। - प्रशांत साहू, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी, फतेहपुर।