खागा। फरीदपुर गांव में पांच एमवीए क्षमता का नवनिर्मित उपकेंद्र मवेशी बांधने के काम आ रहा है। कार्यदायी संस्था के काम पूरा करने से पहले ही लोकार्पण कर दिया गया है। नतीजा यह निकला कि उपकेंद्र में न तो फीडर बने हैं और न ही कर्मचारियों की तैनाती हुई। ऐसे में यहां पर ग्रामीण अपने मवेशी बांध रहे हैं।
खागा बिजली डिवीजन के फरीदपुर उपकेंद्र का निर्माण करीब पांच करोड़ रुपये की लागत से किया जा रहा था। यहां तीन आउटगोइंग व दो इनकमिंग मशीनों से कई गांवों को बिजली आपूर्ति की जाएगी। कार्यदायी संस्था के आधे अधूरे काम पर ही सियासतदारों ने श्रेय लेने के लिए 28 फरवरी को लोकार्पण कर दिया। इसके बाद अधबने उपकेंद्र में ताला दिया गया।
कार्यदायी संस्था ने अभी अपना कार्य पूरा नहीं किया है। साथ ही विद्युत वितरण खंड के सुपुर्द भी नहीं किया गया है और एक भी कर्मचारी की उपकेंद्र में तैनाती नहीं हुई है। बिजली आपूर्ति न होने से ग्रामीणों ने उपकेंद्र मवेशी बांधना शुरू कर दिया है। अधिशासी अभियंता विद्युत निर्माण प्रयागराज अरुण पाठक ने बताया कि लोकार्पण हो चुका है। 10 दिन में मशीनें लग जाएंगी। इसके बाद लाइन बिछाने का काम शुरू होगा।
अधिशासी अभियंता विद्युत वितरण खंड तृतीय सरोज कुमार ने बताया कि फरीदपुर गांव में उपकेंद्र का निर्माण हुआ है, लेकिन अभी तक हैंडओवर नहीं हुआ है। इसलिए मवेशी बांधे जाने की जानकारी नहीं है।