फतेहपुर। हर साल फिटनेस सर्टिफिकेट बनवाने से वाहन मालिकों को राहत मिली है। परिवहन विभाग की ओर से फिटनेस में सहूलियत दी गई है। अब दो साल पूरे होने पर वाहनों को फिटनेस करानी पड़ेगी।
एआरटीओ प्रशासन अरविंद त्रिवेदी ने बताया कि नए वाहनों को रजिस्ट्रेशन के साथ फिटनेस कराने की जरूरत नहीं। नया वाहन होने से दो साल की फिटनेस तुरंत मान ली जाएगी। कई ट्रक कंपनी चेचिस बनाती है। उनकी बॉडी बनाने का काम दूसरी जगहों पर होता है।
ऐसे नए वाहनों को फिटनेस करानी होगी। कंपनी की ओर से तैयार बॉडी वाले वाहनों पर फिटनेस चार्ज नहीं लगेगा। अभी तक हर साल वाहनों की फिटनेस कराई जाती थी। फिटनेस के लिए प्रतिदिन सैकड़ों वाहन विभाग पहुंचते हैं। एक अधिकारी वाहनों की फिटनेस को ही तैनात रहता है। कार्यालय में फिटनेस कार्य के लिए वाहनों का आना कम होगा।