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विरोध के बीच जांची गईं 31 हजार कापियां

Sat, 04 Apr 2015 12:31 AM IST
ब्यूरो,अमर उजाला फतेहपुर
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बोर्ड परीक्षा की उत्तर पुस्किताओं का मूल्यांकन बहिष्कार धीरे-धीरे निष्प्रभावी हो रहा है। शुक्रवार को तीनों परीक्षा कें द्रों में 90 फीसदी से अधिक परीक्षा मूल्यांकन में लौट आये हैं। मूल्यांकन पांचवें दिन तक कुल 31047 उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन हो चुका है।
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उधर, माध्यमिक शिक्षक संघ चंदेल गुट जहां बहिष्कार की जिद में अड़ा है, वहीं मूल्यांकन बहिष्कार को लेकर वित्तविहीन शिक्षक महासभा दो गुटों में बंट गई है। एक बड़े गुट ने शुक्रवार से मूल्यांकन की कमान थाम ली है।
 यूपी बोर्ड की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन के लिये तीन केंद्र बनाये गये हैं। इनमें राजकीय इंटर कालेज में इंटरमीडिएट तथा हाईस्कूल की उत्तर पुस्तिाकाओं के मूल्यांकन के लिए एएस और राजकीय बालिका इंटर कालेज को मूल्यांकन केंद्र बनाया गया है।
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तीनों केंद्रों में पहली अप्रैल तक मूल्यांकन पूरी तरह से प्रभावित रहा, लेकिन गुरुवार को यदा कदा परीक्षकों ने मूल्यांकन शुरू कर दिया था। शुक्रवार तक जीआईसी में इंटरमीडिएट की 13991 में कापियां जांची गई हैं, जबकि एएस में 8579 तथा जीजीआईसी में 8477 कापियों का मूल्यांकन हो चुका है। इस तरह से हाईस्कूल की कुल 17056 कापियों का मूल्यांकन किया जा चुका है। उधर, माध्यमिक शिक्षक संघ चंदेल गुट ने अभी तक मूल्यांकन बहिष्कार वापस नहीं लिया है। इस संघ के जिलाध्यक्ष सेवानिवृत्त शिक्षक करुणा शंकर मिश्र अपने कुछ साथियों के साथ मूल्यांकन केंद्रों में बहिष्कार में सहयोग मांगते दिखे, जबकि माध्यमिक वित्तविहीन शिक्षक महासभा के बहिष्कार से बड़ी तादाद में शिक्षक किनारा कर चुके हैं। तीनों केंद्रों में मूल्यांकन करने वालों में वित्तविहीन शिक्षकों की खासी तादाद दिखी। वित्तविहीन शिक्षक महासभा के जिलाध्यक्ष मानसिंह यादव ने बताया कि अभी उनका मूल्यांकन बहिष्कार जारी रहेगा। उन्होंने बताया कि संगठन वित्तविहीन शिक्षक हितों की लड़ाई को लेकर मूल्यांकन बहिष्कार कर रहा है। ऐसी हालत में ऐसे सभी शिक्षकों को सहयोग करने की आवश्यकता है।
इंसेट
डीआईओएस की अंतिम चेतावनी
 फतेहपुर। जिला विद्यालय निरीक्षक मोहम्मद रफीक ने मूल्यांकन बहिष्कार करने वाले राजकीय और वित्तपोषित शिक्षकों को अंतिम चेतावनी दी है। उन्होंने हर हालत में शनिवार को मूल्यांकन कार्य में सहयोग करने के निर्देश दिये हैं। डीआईओएस ने बताया कि सभी उपनियंत्रकों से ऐसे गैरहाजिर शिक्षकों से रिपोर्ट तलब की गई है। आदेश का उल्लंघन करने वाले शिक्षकों की सूची वेतन काटने के  लिए वित्त एवं लेखा को प्रेषित कर दी जाएगी।
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