फतेहपुर। विकलांग प्रमाण पत्र बनवाने के लेनदेन के आरोप में फार्मासिस्ट के लैब टेक्नीशिएन के पुत्र और एक पक्ष के बीच विवाद हो गया। दोनों पक्षों ने एक दूसरे पर जानलेवा हमला, लूट, धमकी, गालीगलौज का मुकदमा दर्ज कराया है। दोनों पक्षों से 28 लोगों पर मुकदमा दर्ज किया गया है।
सदर कोतवाली क्षेत्र की रानी कालोनी निवासी योगेंद्र प्रताप सिंह उर्फ झल्ली सिंह जिला अस्पताल में चीफ फार्मासिस्ट हैं। उनका पुत्र अभय सिंह जिला अस्पताल में संविदा पर लैब टेक्नीशियन संविदा के पद में कार्यरत है। अभय ने एफआईआर में बताया कि ड्यूटी दौरान नौ सितंबर की शाम लघुशंका के लिए गेट की ओर जा रहा था। उसी समय अस्पताल में घात लगाए बैठे मलवां थाने के मायारामखेड़ा निवासी जय सिंह चौहान ने अपने भाई अजय सिंह चौहान व चार अन्य साथियों संग उस पर डंडे व लात-घूंसे से हमला किया। गाली गलौज कर जान से मारने की धमकी दी। उसके गले से जय सिंह चौहान चेन और 1700 रुपये लूटकर भाग निकला। उसके पिता ने जय सिंह से रुपये ऐंठने की शिकायत पर विरोध किया तो पिता से गाली गलौज की थी। फोन पर भी गाली गलौज कर घर में घुसकर गोली से मारने की धमकी दी थी। उधर, एसपी से शिकायत में जय सिंह चौहान ने बताया कि फूफा मलखान सिंह की पुत्री पूर्ति सिंह का विकलांग प्रमाण पत्र बनवाने जिला अस्पताल गया था। विकलांग प्रमाण पत्र बनवाने के लिए फार्मासिस्ट झल्ली सिंह उर्फ योगेंद्र प्रताप सिंह ने 50 हजार रुपये उसके फौजी भाई राहुल सिंह से मांगे। इसे लेकर झल्ली सिंह से कहासुनी हुई थी। झल्ली सिंह के संविदा कर्मी पुत्र अभय सिंह ने भी विवाद किया। वह नौ सितंबर की रात करीब नौ बजे एआरटीओ कार्यालय के सामने खाना लेने होटल पहुंचा। उसी समय अभय सिंह अपने मामा रितेंद्र सिंह, राजवर्धन, स्वामी व 15 अन्य लोगों ने लोहे की राड, लाठी-डंडे लेकर रेस्टोरेंट पहुंचा। गाली गलौज और जान से मारने की धमकी देकर लोहे की रॉड से हमला किया। गले से सोने की चेन व पर्स लूट लिया। कपड़े उतारकर उसकी बिना कपड़ों का वीडियो मोबाइल में बनाकर ले गए। जान से मारने की धमकी देकर भाग निकले। कोतवाल तारकेश्वर राय ने बताया कि दोनों पक्षों से मारपीट व लूटपाट का मुकदमा दर्ज किया है।