फतेहपुर। सरकारी भूमि को खुद की भूमि दर्शाकर एक व्यक्ति ने राजस्व विभाग व एनएचआई से धोखाधड़ी की है। मंदिर व सरकारी भूमि के तथ्य छिपाकर 26 लाख 86 हजार 460 रुपये मुआवजा ले लिया। जांच में खुलासा होने पर एसडीएम के आदेश पर लेखपाल ने औंग थाने में युवक के खिलाफ सोमवार को प्राथमिकी दर्ज कराई है।
औंग थाना क्षेत्र के लेखपाल सुनील कुमार ने बताया कि औंग स्थित एक भूमि का कुछ हिस्सा राष्ट्रीय राजमार्ग मंत्रालय भारत सरकार के नाम दर्ज रहा। भूमि का कुछ हिस्से हनुमन्त लाल जी महाराज विराजमान मंदिर के नाम रहा। कानपुर-प्रयागराज हाईवे मार्ग पर चौड़ीकरण के दौरान एनएचआई ने मंदिर व भवन की भूमि कागजातों के आधार पर औंग निवासी राजबहादुर से ली। कागजातों में तथ्य छिपाकर मंदिर भवन के साथ सरकारी भूमि का मालिक राजबहादुर बना था। इस तरह से एनएचआई से तीन बार में 26 लाख 86 हजार 460 रुपये का मुआवजा 2021 से लिया था।
वर्तमान खतौनी में हनुमंत लालजी महाराज विराजमान बची संक्रमणीय भूमिधर के खाते में दर्ज है। भूमि संबंधी एक मामला बिंदकी तहसील कोर्ट में चला, जिसमें भूमि कृष्णा देवी पत्नी मनीराम सर्वराकार श्री हनुमंत लाल जी महाराज विराजमान मंदिर की होना स्पष्ट हुआ। इस तरह से राजबहादुर शर्मा ने तथ्य छिपाकर मंदिर व भवन के साथ सरकारी भूमि का मुआवजा एनएचआई से लिया। प्रभारी निरीक्षक दिनेश शुक्ला ने बताया कि धोखाधड़ी की प्राथमिकी दर्ज कर जांच की जा रही है।