फतेहपुर। आमलोग भले ही न जानें पर सरकारी अमले से जुड़ा व्यक्ति गवर्नमेंट ''जी'' सीरीज की नंबर प्लेट को अच्छी तरह से जानते हैं। इस सीरीज के नंबर को देखते ही किसी सरकारी अफसर की गाड़ी होने का अंदाजा लग जाता है। अब सरकार के आदेश पर जिले में ''जी'' सीरीज के नंबर प्लेट लगाकर चलने वाले वाहन स्वामियों का रौब खत्म होने वाला है। सरकार ने ''जी'' नंबर प्लेट के दुरुपयोग को खत्म करने के लिए सख्त कदम उठाया है।
नीलामी होने पर सरकारी नंबर यानी जी सीरीज के वाहनों को लोगों ने खरीदा था। उन वाहनों को दुरुस्त कराने के बाद निजी तौर पर उनका इस्तेमाल कर रहे हैं। वाहन खरीदारों का पंजीकरण पुराने नंबर पर ही चल रहा था। कई लोग इन्हीं नंबरों को अपने दूसरे नए वाहनों में ट्रांसफर करा लेते थे। जिले के कई लोग कई सालों से इस तरह से सरकारी नंबर का इस्तेमाल कर रहे थे।
परिवहन आयुक्त के निर्देश पर एआरटीओ विभाग ने जिले में मौजूद इन नंबर के वाहन स्वामियों को चिह्नित किया है। ''जी'' सीरीज के करीब 25 वाहन चिह्नित किए गए हैं। इन सभी वाहन स्वामियों को एआरटीओ की ओर से नोटिस जारी किया गया है। नोटिस जारी कर इन्हें नए नंबर लेने के निर्देश किए गए हैं। इनमें एक-दो लोगों ने अपने वाहनों के नए नंबर भी ले लिए हैं।
मामूली फीस में नंबर बदल जाएंगे
''जी'' सीरीज का इस्तेमाल करने वाले वाहन स्वामियों को नोटिस दिया गया है। वाहन स्वामी एआरटीओ कार्यालय में नंबर बदलने का आवेदन करेंगे। करीब 400-500 के बीच की फीस में इन्हें वर्तमान में पंजीकृत हो रहे वाहनों की सीरीज का नंबर उपलब्ध हो जाएगा।
किसी भी निजी व्यक्ति की गाड़ी में सरकारी नंबर होना सही नहीं है। इसका दुरुपयोग भी हो सकता है। जिले में ''जी'' सीरीज के 25 वाहन नंबर मिले हैं। उनके ''जी'' सीरीज के नंबर निरस्त कर नई सीरीज के नंबर दिए जा रहे हैं। इसमें वाहन स्वामियों को मामूली फीस लगेगी। - रंजीत सिंह, एआरटीओ, प्रशासन