तीन दलितों का घर फूंकने के फरार आरोपी शिवकुमार को पुलिस 21 साल बाद गिरफ्तार कर सकी। वह भी तब जब कोर्ट ने पुलिस को इसके फरार होने की याद दिलाई। पुलिस ने रविवार रात उसको घर से दबोचने का दावा किया है। कोर्ट ने वर्ष 1995 से फरार इस आरोप के खिलाफ 26 जून को वारंट जारी किया था।
आरोपी शिवकुमार पांडेय जाफरगंज थानाक्षेत्र के निबावर बरैयता लालपुर का निवासी है। उसने अपने साथियों प्रेमशंकर व अरविंद पांडेय संग 1994 में संतलाल सोनकर, चौकीदार सोनकर, कु ड़ी सोनकर के घर जला दिए थे। परिवारों को मारपीट कर बेदम कर दिया था।
करीब एक साल बाद शिव कुमार के घर की कुर्की कर पुलिस ने चार्जशीट लगा दी थी। उस समय प्रेमशंकर और अरविंद कोर्ट में हाजिर हो गए थे। इधर, मुकदमे के दौरान प्रेमशंकर की मौत हो गई। कुछ सालों बाद शिवकुमार वापस गांव आकर रहने लगा। उसने गांव में जमानत पर होने का भी ढिंढोरा पीट दिया। जिससे गांव वालों को भी शक नहीं हुआ। संगीन अपराध में वांछित होने के बाद भी पुलिस उसे भूली रही। अब कोर्ट से वारंट हुआ, तो गिरफ्तार किया है। एसओ सुभाष चौरसिया ने बताया कि मामले में आरोपी कोर्ट में हाजिर नहीं हुआ था।