अमर उजाला ब्यूरो
बकेवर (फतेहपुर)। काशी पीठाधीश्वर शंकराचार्य नरेंद्रानंद सरस्वती ने कहा कि आरक्षण देश को घुन जैसे खा रहा है। यह देश की दुर्दशा का प्रमुख कारण है। जातिगत आरक्षण समाप्त होना चाहिए। इसका आधार आर्थिक किया जाना चाहिए।
पथिक धाम बकेवर में शामिल होने के बाद काशी पीठाधीश्वर ने कहा कि देश का संविधान सर्वोपरि है। योगी हो संत या नेता। मर्यादा का उल्लंघन करने पर कठोर कार्रवाई होनी चाहिए। मीडिया व्यभिचारी व दुराचारी के आगे संत का ओहदा जोड़ने से बचें। दुराचारी दुराचारी होता है वह संत कभी नहीं हो सकता है। संत का काम परहित करना होता है, जो दुराचारी संत हैं उन्हें चौराहे पर खड़ा कर खुलेआम दंड देना चाहिए।
कहा कि पाकिस्तान को शत्रु देश घोषित किया जाना चाहिए। उससे सारे व्यापार तथा आवागमन ठप कर देना चाहिए। इसके बाद भी उसकी हरकत बंद न हो, तो पाकिस्तान पर हमला कर सबक सिखाने की जरूरत है। जम्मू कश्मीर सरकार बुरहान वानी जैसे आतंकवादी को मुआवजा देती है, जो सर्वथा गलत और आतंकवाद को बढ़ावा दिया जाना है।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कि सराहना करते हुए कहा कि आजादी के 70 साल बाद देश की सीमाओं पर हवाई पट्टियां तथा सड़कों का निर्माण किया गया है। सरकार ने समय-समय पर सेना का मनोबल बढ़ाया है और आतंकवादियों के विरुद्ध खुली छूट देकर आतंकवाद की कमर तोड़ दी है। आतंकियों के लिए अलग कानून होना चाहिए। देश में समान नागरिक संहिता लागू होनी चाहिए। देश के हर व्यक्ति के लिए कानून एक होना चाहिए। मुस्लिमों के लिए अलग हिंदुओं के लिए अलग कानून गलत है।