18 साल पुराना शिवसेवक हत्याकांड फिर खुला
फतेहपुर। बीएससी छात्र की हत्या के के मामले में तीन आरोपियों के जेल जाने के बाद परिजनों की आशंका पर पुलिस ने 18 साल पहले के हत्याकांड की जांच शुरू कर दी है। हाल ही में अगवा कर मारे गए छात्र के पिता की भी हत्या हुई थी। परिजनों का आरोप है कि सिर्फ बाइक के लिए हत्या नहीं की जा सकती है। कहीं पिता के हत्यारोपियों ने ही पुरानी रंजिश में तो घटना नहीं की। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हत्या गर्दन काटने से होना सामने आया है। बाकी शरीर पर कोई चोट नहीं है।
खखरेरू थाना क्षेत्र के जयरामपुर गुरगौला निवासी स्व. शिवसेवक सोनकर का बेटा नीलेश (19) बीएससी छात्र था। उसकी चार जुलाई की रात हत्या कर दी गई थी। घटना के तीन दिन बाद मंगलवार को हाईवे किनारे से शव बरामद हुआ था। पुलिस ने खागा के नंदापुर निवासी नीरज, रंजीत (मौसेरे भाई) को गिरफ्तार किया था। रंजीत प्रतापगढ़ जिले के मानिकपुर थाने के चमराई निवासी है। तीसरे आरोपी मोहित निवासी गुरगौला खखरेरू को भी गिरफ्तार किया था। आरोपियों ने बाइक लूट के इरादे से हत्या की बात कही थी।
हत्यारोपी नीलेश के दोस्त थे। परिजनों को हत्या के पीछे की यह वजह गले नहीं उतर रही है। नीलेश के पिता शिवसेवक की 18 साल पहले गांव में हत्या की गई थी। उस मामले में चार आरोपी नामजद हुए थे। वे आजीवन कारावास काट रहे हैं। नीलेश की हत्या को कहीं न कहीं परिजन शिवसेवक की हत्या से जोड़ रहे हैं। परिजनों की आशंका पर पुलिस ने जांच शुरू की है। कोतवाल आरके सिंह ने बताया कि परिजनों की आशंका पर जांच की जा रही है। जल्द ही परिणाम सामने होगा। वादी पक्ष के हर बयान पर जांच की जा रही है।