फतेहपुर। भाई की मौत के बाद गर्भवती भाभी से दुष्कर्म करने के दोषी देवर को फास्ट ट्रैक कोर्ट ने दस साल सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। मामला न्यायालय में चार साल से विचाराधीन था।
चांदपुर थानाक्षेत्र के एक गांव की लड़की की शादी मई 2012 में कानपुर के घाटमपुर थानाक्षेत्र के एक गांव में मुकेश कुमार से हुई थी। शादी के छह माह बाद ही मुकेश की मृत्यु हो गई। उस वक्त उसकी पत्नी दो माह की गर्भवती थी। मुकेश का भाई नीरज कानपुर लाल बंगला में रहता है। भाई की मृत्यु के बाद नीरज अपनी भाभी पर बदनीयती रखने लगा। उसने जब छेड़खानी की तो पीड़िता ने सास-ससुर को आपबीती बताई। सास-ससुर ने उसे घर की इज्जत का हवाला देकर चुप करा दिया। ससुरालियों ने उसे अपने मायके वालों से बात करने को कहा। नीरज एक दिन भाभी को लेकर उनके मायके पहुंचा। जहां उसने सभी को शादी करने का भरोसा दिलाया। इसके बाद मायके में ही वह दो दिन तक रुका रहा। जहां उसने अपनी भाभी से दुष्कर्म किया। इसके बाद वह कानपुर चला गया। शादी का झांसा देने के बाद नीरज ने अपनी भाभी से दूरी बना ली और 24 अप्रैल 2016 को कानपुर की ही किसी अन्य लड़की से शादी कर ली। जिस पर पीड़िता ने अदालत के माध्यम से अपने देवर नीरज पर शादी का झांसी देकर दुष्कर्म करने की एफआईआर कराई। पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए सहायक शासकीय अधिवक्ता रहस बिहारी श्रीवास्तव फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम में पैरवी कर रहे थे। सुनवाई करते हुए अपर जिला जज शैलेंद्र निगम ने नीरज को दोषी मानते हुए दस वर्ष सश्रम कारावास और 25 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अदालत ने अर्थदंड की रकम से 20 हजार रुपये पीड़िता को देने का आदेश दिया है। अर्थदंड का भुगतान न करने पर आरोपी को एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।