ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट कमलेश कुमार मौर्या की कोर्ट से जारी वारंट पर बाहुबली पूर्व सांसद कपिलमुनि करवरिया शनिवार को न्यायिक सुरक्षा के बीच कोर्ट में हाजिर हुए। कोर्ट में रिमांड के बाद वह वापस नैनी जेल भेजे गए। इस दौरान कचहरी परिसर के आसपास कड़ी सुरक्षा व्यवस्था रही। बाहुबली से मिलने वालों की भी अच्छी खासी भीड़ जुटी रही।
गौरतलब हो कि 1998 में तत्कालीन जिलाधिकारी कल्पना अवस्थी ने ओती खदान में अवैध मौरंग खनन होने का मामला पकड़ा था।
डीएम के आदेश पर ललौली थाने में फूलपुर से पूर्व सांसद बाहुबली कपिलमुनि करवरिया समेत पांच लोगों के खिलाफ माइंस एंड मिनरल रेग्यूलेशन डेवलमेंट एक्ट की धारा 21(4) खनिज संपदा को नुकसान पहुंचाने की धारा में रिपोर्ट दर्ज की गई थी।
इसमें बाकी आरोपी स्थानीय हैं। पूर्व सांसद ने उच्च न्यायालय से गिरफ्तारी में रोक आदेश पा लिए। उनका स्टे आर्डर समाप्त होने पर मामला ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट की अदालत में पहुंचा। कोर्ट ने आरोपी पूर्व सांसद के खिलाफ वारंट जारी किया।
वर्तमान में पूर्व सांसद और उनके अन्य दो भाई नैनी जेल में विधायक जवाहर यादव हत्याकांड के मामले में निरुद्ध चल रहे हैं। अदालत के आदेश पर शनिवार को पूर्व सांसद अपने अधिवक्ता संतोष कुमार द्विवेदी के साथ कोर्ट में हाजिर हुए। यहां से उन्हें न्यायिक सुरक्षा में वापस नैनी जेल भेजा गया।
बाहुबली के आने की खबर से उनकी जान पहचान के स्थानीय लोगों की भीड़ जुट गई। उनके आगमन पर आधा सैकड़ा से अधिक लग्जरी वाहनों की कतार लगी रही।
बाहुबली पूर्व सांसद कपिल मुनि करवरिया ने सन् 1998 में पूरे जिले की मौरंग खदानों की बढ़चढ़ कर बोली लगाई थी और सिंडीकेट के तौर पर समूचे लाल सोने पर कब्जा पा लिया था।
खनन का काम जिले के राममूर्ति द्विवेदी ऊर्फ बाबा देख रहे थे। डीएम की छापेमारी में अवैध तरीके से पोकलैंड मशीनों, जेसीबी से खनन करते पकड़ा गया था।
करीब आधा दर्जन से अधिक खनन के संसाधनों को सीज करके पूर्व सांसद, राममूर्ति बाबा, वासुदेव तिवारी, विशेषर, रामविशाल के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। पूर्व सांसद को छोड़कर सभी लोगाें जमानत करा ली थी।