अमर उजाला ब्यूरो
चौडगरा (फतेहपुर)। इलाके की गंगा कटरी में अवैध खनन को लेकर दो जिलों के प्रशासन की माथापच्ची सोमवार को खत्म हो गई। मैनुअल सर्वे में इलाका उबड़-खाबड़ होने के नाते फतेहपुर का लग रहा था लेकिन उन्नाव प्रशासन ने सोमवार को जीपीएस सिस्टम गूगल से ऑनलाइन सर्वे कर स्थिति साफ कर दी। करीब सवा सौ फिट का खनन का यह दायरा भी उन्नाव जिले का निकला। उन्नाव जिले में खनन के लिए पार्टी के पास परमीशन है।
बक्सर पुल में गंगा कटरी की ओर खनन करते हुए खनन कराने वाले लोग गुनीर क्षेत्र की ओर बढ़ आए थे। यहां कटरी माधेपुर तक आ जाने पर शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि उन्नाव का परमीशन लेकर कुछ लोग फतेहपुर जिले की गंगा कटरी में अवैध खनन कर रहे हैं। करीब सवा सौ फिट तक क्षेत्रफल का अतिक्रमण बताया गया।
जिले का प्रशासन मैनुअल तरीके से इलाके में खनन की नापजोख कर रहा था, इससे प्रथम दृष्टया फतेहपुर में अवैध खनन माना गया। मामला तूल पकड़ने पर पिछले तीन दिन से उन्नाव और फतेहपुर जिले का प्रशासनिक अमला इस माथापच्ची में लगा रहा कि खनन का क्षेत्रफल किस सीमा में हैं। मैनुअल तरीके से कोई हल न निकलता देख सोमवार को उन्नाव जिला प्रशासन ने ऑनलाइन तरीका अपनाया। एक जीपीएस ट्रैकर के जरिए उन्नाव प्रशासन ने इलाके की जांच पड़ताल फतेहपुर जिला प्रशासन के साथ मिलकर की।
बिंदकी एसडीएम हरिहरराम ने बताया कि जमीन ऊबड़-खाबड़ होने के नाते मैनुअल पैमाइश में दिक्कत आ रही थी। उन्नाव प्रशासन ने गूगल जीपीएस सिस्टम से सर्वे कराया तो पूरा खनन क्षेत्र उन्नाव जिले का निकला है। खनन से फतेहपुर जिले का कोई लेनादेना नहीं है। बेवजह शिकायत कर प्रशासन को परेशान करने वालों की जांच की जाएगी। यदि दोष मिला तो कार्रवाई भी की जाएगी।
जिले की राजस्व टीम में खनन अधिकारी सौरभ कुमार, नायब तहसीलदार रमेशचंद्र पांडेय, लेखपाल प्रदीप कुमार, जंगबहादुर, राजेंद्र प्रसाद, राजस्व निरीक्षक रामदत्त शुक्ला भी रहे। उन्नाव से नायब तहसीलदार बीघापुर रजनीश बाजपेई, एसडीएम प्रभूदयाल रहे। खनन अधिकारी सौरभ का कहना है कि जिले में खनन नहीं हुआ है। किसी प्रकार का अवैध खनन होता तो कार्रवाई जरूर की जाती।