अमर उजाला ब्यूरो
फतेहपुर। लोक निर्माण विभाग की अनदेखी से जिला मुख्यालय से औगासी, बबेरू मार्ग का निर्माण अधर में लटका है। विभागीय अधिकारी छह साल में भी काम पूरा नहीं करा सके। चार किमी सड़क ध्वस्त है। वाहन चालकों व राहगीरों को परेशानी उठानी पड़ती है। पीडब्ल्यूडी के अधिकारी चार साल से ठेकेदार के काम न करने की बात कह रहे हैं।
बसपा शासनकाल में यमुना नदी के औगासीघाट में पुल और जिला मुख्यालय तक सड़क का चौड़ीकरण कराने की मंजूरी हुई थी। जनवरी 2012 में कार्यदायी संस्था ने निर्माण कार्य भी शुरू करा दिया था। सड़क का आधे से अधिक निर्माण हो चुका है। चार किमी सड़क ध्वस्त पड़ी है। इसमें करीब डेढ़ किमी सड़क में कार्यदायी संस्था ने गिट्टी डाल दी है। जो वाहनों के आवागमन से उखड़ गई है। यह सड़क जिला मुख्यालय से गाजीपुर, औगासी, बबेरू, बिसंडा, अतर्रा, चित्रकूट और बांदा को जोड़ती है। सड़क ध्वस्त होने से राहगीरों की परेशानी बढ़ गई है। बबेरू, अतर्रा, चित्रकूट जाने वालों को तिंदवारी, बांदा से घूम कर जाना पड़ता है। वहीं, औगासी तक चलने वाले सवारी वाहन भी बंद हो गए हैं। इससे आसपास के ग्रामीणों को भी परेशानी उठानी पड़ती है।
अधिशासी अभियंता अनिल कुमार ने बताया कि निर्माण कार्य न कराने पर ठेकेदार के बांड निरस्त कर दिए गए हैं। शासन को सड़क निर्माण की डिमांड भेजी गई है। जल्द दोबारा सड़क निर्माण के टेंडर कराए जाएंगे।