जिले में बिजली की अंधाधुंध कटौती थम नहीं रही है। इन दिनों पड़ रही जानलेवा गर्मी में जहां लोग परेशान हैं वहीं बिजली की अत्यधिक कटौती थमने का नाम नहीं ले रही है। कभी लोकल फाल्ट तो कभी रोस्टिंग की बात कहकर अफसर भी पल्ला झाड़ रहे हैं। बीते 24 घंटे में करीब 14 घंटे की कटौती से उपभोक्ता बेहाल हैं।
रात की कटौती का कोई समय निश्चित नहीं है जिससे उपभोक्ताओं की नींद खराब हो रही है। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव भले ही शहरों को 18 घंटे बिजली आपूर्ति के फरमान जारी किए हो पर आपूर्ति व्यवस्था पटरी से उतरी है। रविवार को दोपहर में 12 बजे बत्ती गुल हुई और फिर तीन बजे आई। दो घंटे के बाद पांच बजे फिर चली गई।
शाम को साढ़े सात बजे बिजली आई और डेढ़ घंटे आपूर्ति के बाद रात में नौ बजे से फिर से चली गई। इसके बाद 11 बजे आपूर्ति बहाल हो सकी। रात में दो बजे फिर आपूर्ति काट दी गई जो तीन बजे बहाल हो सकी। सोमवार की सुबह नौ बजे बत्ती गुल हो गई। ग्यारह बजे फिर आपूर्ति चालू हुई।
दूसरी ओर मुराइनटोला उपकेंद्र के अंतर्गत लालाबाजार में तार टूटने से तीन घंटे आपूर्ति गुल रही जबकि आबूनगर उपकेंद्र के अंतर्गत आबूनगर में ट्रांसफार्मर फुं कने से बिजली गुल है। दोपहर में तीन बजे आपूर्ति शुरू हुई शाम को लोकल फाल्ट के चलते कई बार बिजली के आने जाने का सिलसिला चला।
‘इन दिनों बिजली कटौती काफी बढ़ी है। दिन में तो रोस्टिंग रहती है साथ ही रात्रि में भी खूब कटौती होती है। इस भीषण गर्मी में बिजली न होने से उलझन और बेचैनी से जीना मुहाल है। उपकेंद्र से भी बिजली आने की सही जानकारी नहीं मिलती है।’- रज्जू सविता, मुराइनटोला।
‘सुबह शाम बिजली कटौती होने से उपभोक्ताओं में नाराजगी बढ़ रही है वहीं व्यापारियों का भी नुकसान होता है। बिजली कटने पर उपकेंद्र के कर्मचारी फाल्ट कहकर पल्ला झाड़ लेते हैं। इसके अलावा रोस्टिंग का भी कोई समय निश्चित नहीं है।’- राहुल श्रीवास्तव, ज्वालागंज
‘मुख्यमंत्री कह रहे हैं शहर को 18 घंटे बिजली मिलेगी लेकिन जिले में 12 घंटे भी नहीं मिल रही है। मुराइनटोला और हरिहरगंज उपकेंद्रों में कर्मचारी मोबाइल नहीं उठाते जिससे उपभोक्ताओं को बिजली न आने का सही कारण पता नहीं चल पाता। अधिशासी अभियंता से शिकायत की जाएगी।’- दिनेश तिवारी खलीफा, देवीगंज।
‘बिजली आने और जाने का कोई समय निश्चित नहीं है। इन दिनों प्रचंड गर्मी पड़ रही है ऐसे में सबसे ज्यादा दिक्कत छोटे बच्चों और मरीजों को हो रही है। बिजली विभाग मनमाना बिल वसूलता है लेकिन सुविधाएं नहीं मिलती हैं। बिजली चोरी पर रोक लगनी चाहिए।’- अमित श्रीवास्तव, आवास विकास।
‘जिले को मांग के अनुरूप बिजली मिल रही है। गर्मी की वजह से फाल्ट और कटिया के चलते आपूर्ति में रुकावट होती है। समय-समय पर कटियाबाजों के खिलाफ एफआईआर तक कराई जाती है। रात में अतिरिक्त रोस्टिंग कंट्रोल रूम पनकी पावर हाउस से की जा रही है। उपभोक्ताओं को बेहतर बिजली आपूर्ति मिले इसके लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। कटियाबाजों पर कार्रवाई कर बिजली चोरी रोकी जा रही है।’ - आरएन सिंह, अधीक्षण अभियंता विद्युत।
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