जाफरगंज। छोटे भाई की मौत के सदमे में शनिवार को बड़े भाई ने कुएं में छलांग लगा दी। घटना से ग्रामीणों में हड़कंप मच गया। कुएं में जहरीली गैस होने से कोई उतरने की हिम्मत नहीं कर पा रहा था। करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद पुलिस ने उसे बाहर निकाला। परिजनों ने उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया है। उधर, छोटे भाई का अंतिम संस्कार कर दिया गया।
जाफरगंज थाना क्षेत्र के खूंटाझाल निवासी रामकुमार यादव के चार बेटे आलोक (24), राकेश (22), जितेंद्र (18) शिवा (15) व शादीशुदा बेटी प्रियंका हैं। रामकुमार कानपुर में मजदूरी करता है। शुक्रवार की सुबह लगभग 11 बजे तीसरे बेटे जितेंद्र की हालत बिगड़ गई। वह दवा लेेने गया था। रास्ते में बदहवास होकर गिर पड़ा। सूचना पर परिजन पहुंचे। तब उसने भोर पहर सोते वक्त किसी कीड़े के काटने बात बताई। परिजन जितेंद्र को
घटमाखेड़ा और धमिना गांव झाड़फूंक कराने ले गए। रात करीब 11 बजे बिंदकी सीएचसी लेकर पहुंचे। डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। शनिवार सुबह उसके अंतिम संस्कार की तैयारी चल रही थी। बड़ा भाई आलोक शव के पास बैठकर पंखा हिला रहा था। वह अचानक उठा और घर से कुछ दूर स्थित कुएं में छलांग लगा दी। ग्रामीणों की पीछे भीड़ दौड़कर पहुंची। कुएं में जहरीली गैस फैली होने के कारण कोई उतरने की हिम्मत नहीं जुटा सका।
ग्रामीण रस्सा पकड़ाने की कोशिश करने लगे। गैस की वजह से वह अर्ध बेहोशी हालत में हो गया। पानी डालकर गैस खत्म की गई। सूचना पर थानेदार चिंरजीव मोहन पहुंचे। कुएं में चारपाई रस्सी के सहारे से लटकाई गई। पानी छिड़काव से आलोक कुछ होश में आया। ग्रामीणों ने शोर मचाकर हिम्मत बंधाई। तब किसी तरह से वह चारपाई में लेटा। उसे ग्रामीणों ने बाहर निकाला। शरीर में काफी चोट लगी थी। कुएं से बाहर आते ही बेसुध हो गया। एंबुलेंस से उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। इधर, परिजनों ने जितेंद्र का शव को खेत दफन कर अंतिम संस्कार किया।
फोटो संख्या एवं परिचय
28- घटनास्थल पर जुटे ग्रामीण
29- इसी कुएं में कूदा, टार्च की रोशनी में देखते लोग
सदमे में बड़ा भाई कुएं में कूदा
जाफरगंज थाना क्षेत्र के खूंटाझाल में हुई घटना, जहरीली गैस फैलने से सहमे ग्रामीण
दो घंटे बाद ग्रामीणों की मदद से पुलिस ने युवक को बाहर निकला
अमर उजाला ब्यूरो