अमर उजाला ब्यूरो
फतेहपुर। जिले में मेडिकल कालेज बनने के लिए शासन से ग्रीन सिग्नल मिल गया है। मेडिकल कालेज बनने से मरीजों को बेहतर चिकित्सीय सुविधाएं मिलेंगी। प्रशासन की ओर से कताई मिल की जगह चिह्नित कर ली गई है।
शासन ने प्रदेश के दस जिला चिकित्सालयों को चयनित किया है जिसमें फतेहपुर जिला अस्पताल को भी मेडिकल कालेज के लिए शामिल किया गया है। प्रमुख सचिव उत्तर प्रदेश सरकार ने जिलाधिकारी को पत्र भेजकर मानकों की जांच कर रिपोर्ट मांगी थी। डीएम की ओर से यह रिपोर्ट भेजी गई थी। इसके बाद 18 फरवरी केंद्रीय राज्यमंत्री साध्वी निरंजन ज्योति ने जिले में मेडिकल कालेज खोलने के लिए भारत सरकार के स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, प्रदेश स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह को पत्र भेजा था। केंद्रीय राज्यमंत्री के प्रतिनिधि शिव प्रताप सिंह ने बताया कि मेडिकल कालेज के लिए शासन से स्वीकृति मिल गई है। सीएमओ डा. विनय कुमार पांडेय ने बताया कि शासन से स्वीकृति की जानकारी मिली है।
मरीजों को मिलेगी डायलिसिस की सुविधा
फतेहपुर। सदर विधायक विक्रम सिंह ने बताया कि भारत सरकार की केंद्र सहायतित योजना के अंतर्गत प्रदेश के दस जिला अस्पतालों को उच्चीकृत कर राजकीय मेडिकल कालेज बनाया जाना है। इसके लिए जिले को भी चयनित किया गया है। जिले में मेडिकल कालेज बनने से जिला अस्पताल भी आधुनिक मशीनों और डाक्टरों से लैस होगा। मरीजों को एमआरआई, डायलिसिस और सीटी स्कैन जैसी सुविधाएं मिल सकेंगी। साथ ही जनपद में मेडिकल कालेज होने से छात्र छात्राओं को मेडिकल की पढ़ाई के लिए दूसरे जनपदों में जाना नहीं पड़ेगा।