अमर उजाला ब्यूरो
फतेहपुर। बिना अनुमति के धार्मिक और सार्वजनिक स्थलों पर लाउड स्पीकर नहीं बज पाएंगे। 15 जनवरी तक लाउडस्पीकर बजाने की इजाजत लेने की आखिरी तारीख है। इसके बाद इन्हें हटाने का काम शुरू हो जाएगा।
बुधवार को कलक्ट्रेट गांधी सभागार में डीएम कुमार प्रशांत की अध्यक्षता में धार्मिक और सार्वजनिक स्थलों पर बिना अनुमति बजने वाले लाउडस्पीकर मामले पर बैठक बुलाई गई थी। पुलिस के साथ राजस्व टीम लगाकर थाना व कोतवालीवार स्थलों को चिह्नित करने के निर्देश दिए गए।
डीएम ने बिना इजाजत के लाउडस्पीकर बजाने वाले धार्मिक और सार्वजनिक स्थलों की जानकारी रात तक उपलब्ध कराने के आदेश दिए हैं। 11 से 15 जनवरी तक ऐसे स्थलों को अनुमति प्रदान करने की प्रक्रिया पूरी करने का जिम्मा सौंपते हुए प्रारूप के साथ ऐसे स्थलों पर पहुंचकर अनुमति प्रारूप मुहैया कराने की बात कही।
ध्वनि प्रदूषण नियम 2000 के आधार पर रात 10 बजे से सुबह छह बजे तक लाउडस्पीकर पर लगी रोक का कड़ाई से पालन कराने पर जोर दिया। बताया कि ध्वनि प्रदूषण के तहत पांच साल की कैद और एक लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। इस मौके पर एसडीएम सदर अभिनव रंजन, खागा एसडीएम सत्य प्रकाश सिंह, बिंदकी एसडीएम हरिहराम भी मौजूद थे।
सियासी चश्मे से न देखें यह फैसला
फतेहपुर(ब्यूरो)। काजी-ए-शहर कारी फरीउद्दीन कादरी ने धार्मिक और सार्वजनिक स्थलों पर बजने वाले लाउडस्पीकर पर हाईकोर्ट के फैसले को ऐहतराम कौमी फरीजा करार दिया। जोर दिया कि अदालत के इस फैसले को सियासी मामला कतई न समझा जाए। उन्होंने इजाजत की मुकर्रर आखिरी तारीख 15 जनवरी तक कार्यालय से फार्म हासिल कर अनुमति हासिल किए जाने की गुजारिश की।