फतेहपुर। अलग-अलग क्षेत्रों में रिमझिम बारिश से 12 कच्चे घर ढह गए। भिटौरा ब्लॉक के मकनपुर गांव में 11 घर गिरने से गेहूं, चावल, सरसों समेत गृहस्थी का सामान मलबे में दब गया। घर ढहने से प्रभावित परिवारों के सामने रहने और खाने-पीने का संकट खड़ा हो गया है।
बेघर परिवार तिरपाल और पन्नी डालकर रहने को मजबूर हैं। वहीं बहुआ के गाजीपुर क्षेत्र के दढ़ीवा गांव में बृहस्पतिवार रात कच्चा घर गिरने से सो रहे पति-पत्नी मलबे में दबकर घायल हो गए। ग्रामीणों ने दोनों को बाहर निकालकर सीएचसी पहुंचाया। यहां उपचार के बाद चिकित्सकों ने उन्हें घर भेज दिया।
बेघर लोग तिरपाल और पन्नी डालकर रहने को मजबूर
हुसैनगंज। भिटौरा ब्लॉक के मकनपुर गांव में रिमझिम बारिश से 11 कच्चे घर ढह गए। घर गिरने से इनमें रहने वाले परिवार बेघर हो गए। मलबे में गेहूं, चावल, सरसों समेत गृहस्थी का सामान दब गया। इससे प्रभावित परिवारों के सामने रहने और खाने-पीने का संकट खड़ा हो गया है। बेघर हुए लोग तिरपाल और पन्नी डालकर रहने को मजबूर हैं।
मकनपुर निवासी राजू मौर्या, रज्जन दर्जी, शिवशंकर विश्वकर्मा, हाकिम चौहान, रूपरानी प्रजापति, रामकिशोर पाल, रामराज पासवान, ननका चौहान, राममनोहर पाल, फूल दुलारी भुर्जी और शिवदेवी यादव के घर बारिश में गिर गए। घर और गृहस्थी का सामान नष्ट होने से सभी परिवारों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से प्रभावित परिवारों को सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है।
कच्चा घर गिरने से मलबे में दबे दंपती, घायल
गाजीपुर। क्षेत्र के दढ़ीवा गांव में बृहस्पतिवार रात करीब दो बजे कच्चा घर भरभराकर गिर गया। हादसे के समय घर में मानचंद्र और पत्नी सो रहे थे। घर गिरने से दोनों मलबे में दबकर घायल हो गए। आवाज और चीख-पुकार सुनकर मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने कड़ी मशक्कत कर दोनों को बाहर निकाला। इसके बाद घायल दंपती को सीएचसी ले गए। चिकित्सकों ने उपचार के बाद दोनों की हालत ठीक बताई और घर भेज दिया। (संवाद)
बारिश और जलभराव से पशुपालकों के सामने चारे का संकट
धाता। क्षेत्र में बारिश और जलभराव ने पशुपालकों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। खेतों और खाली स्थानों में पानी भरने से हरा चारा और फसलें नष्ट हो गई हैं। पशुओं को बांधने के लिए भी पर्याप्त जगह नहीं बची है।
अधिकांश ग्रामीण घरों के बाहर छप्पर डालकर पशुओं को रखते हैं लेकिन जलभराव के कारण ये स्थान भी पानी से घिर गए हैं। मजबूरन पशुपालक बगीचों और ऊंचे स्थानों पर पशुओं को बांध रहे हैं।
अन्ना पशुओं की स्थिति और खराब है। उन्हें खेतों की घास का ही सहारा रहता है लेकिन लगातार बारिश से घास सड़ने लगी है। इससे पशुपालकों को चारे के लिए इधर-उधर भटकना पड़ रहा है। पर्याप्त और पौष्टिक चारा नहीं मिलने से पशु कमजोर होने के साथ बीमार भी हो रहे हैं।
इसका असर दूध उत्पादन पर भी पड़ा है। सरसौली गांव निवासी धनराज विश्वकर्मा ने बताया कि बारिश न थमी तो आने वाले दिनों में चारे का संकट और गंभीर हो सकता है।
फोटो-21-हुसैनगंज के मकनपुर गांव में गिरा शिला पाल का घर। संवाद- फोटो : सांकेतिक
फोटो-21-हुसैनगंज के मकनपुर गांव में गिरा शिला पाल का घर। संवाद- फोटो : सांकेतिक