औंग(फतेहपुर)। पांडु नदी के कटान के डर से किसानों ने हरी फसलों को अपने मवेशियों को खिलाना शुरू कर दिया है। तेज बहाव के चलते रोजाना दो से तीन फीट खेत में खड़ी फसल जलमग्न हो रही है। इसमें बोई हुई फसलें भी मिट्टी के कटान के साथ बह जाती हैं। किसानों ने नदी के तटवर्ती खेतों की हरी फसलों को ही काटना तेज कर दिया है।
मलवां ब्लाक के अभयपुर के मजरा जाड़े का पुरवा, बिंदकी फारम और आशापुर ग्राम पंचायत के मजरे बेनीखेड़ा पांडु नदी के तट पर बसे हुए हैं। इन गांव के किसानों के खेत नदी के दोनों ओर हैं। एक सप्ताह से नदी में पानी बढने से बहाव तेज हो गया है। इससे दोनों ओर के खेतों में कटान हो रहा है। खेत की बलुई मिट्टी पानी के बहाव से
नदी में भर भराकर गिर रही है। एक हफ्ता के कटान में करीब 10-15 बीघा खेत नदी में समा गए हैं। बिंदकी फारम गांव के योगेंद्र पाल ने बताया कि कटान से खेत में बोई फसलें मिट्टी के साथ नदी में बह जा रही हैं। इससे अच्छा है कि फसलों को काट कर मवेशियों को खिला दिया जाए। इससे मवेशियों का ही पेट भर जाएगा।
कटान की चपेट में नीर निर्मल योजना
औंग। पांडु नदी के कटान की चपेट में नीर निर्मल परियोजना की मेन पाइप लाइन भी आ गई है। इससे जलापूर्ति बंद हो गई है। यह पाइप लाइन ओवर हेडटैंक से गांव में जलापूर्ति के लिए डाली गई है। ग्रामीणों में अब पानी की समस्या भी बढ़ गई है। हैंडपंप से लोगों को पानी भरना पड़ रहा है।
कटान से इन किसानों की उपज प्रभावित
कटान से कारागार राज्यमंत्री जय कुमार सिंह जैकी के भांजे नागेश्वर वर्मा समेत 20 किसानों के खेत नदी से प्रभावित हो गए हैं। इसमें जगतपाल निषाद, बागीश, रामदास पासवान, रामकृपाल, बैजनाथ, रामऔतार, रामआसरे, गोपी, सुरेश, रामपति, बिंदा, रामआसरे, मुन्ना, पप्पू, गंगाराम, मलखान, बबलू, ज्ञानप्रकाश और विनोद कुमार हैं।
नहर के पानी से बहाव हुआ तेज
फतेहपुर। रबी की फसलों में सिंचाई कम होने पर नहरों का पानी हेड की शाखाओं में बह रहा है। टेल नालों में बना हुआ है। रजबहा व माइनरों की टेल से नालों में पानी बह कर नदी में पहुंच रहा है। किसानों का कहना है कि रोस्टर के अनुसार पानी दिया जाए तो रजबहा व माइनरों में पर्याप्त पानी मिले, लेकिन हेड की शाखाओं में बिना रोस्टर के पानी दिया जाता है, जो नदी में आकर किसानों के लिए मुसीबत बन रहा है।
1- कटान के भय से कच्ची फसल को काटते किसान
पांडु की कटान से तटवर्ती गांवों के किसान परेशान
तेज बहाव के चलते रोजाना दो से तीन फीट फसल हो रही जलमग्न
अभयपुर, बिंदकी और आशापुर ग्राम पंचायत सबसे ज्यादा प्रभावित
अमर उजाला ब्यूरो