ग्राम पंचायत के दूसरे चरण के लिए दाखिल नामांकन
पत्रों की जांच का कार्य रविवार को पूरा हो गया। प्रधान पद के 11 नामांकन
पत्र तरह-तरह की खामियों के चलते रद कर दिए गए। सबसे ज्यादा पर्चे बहुआ
ब्लाक में रद हुए। इनमें से कोई सजायाफ्ता था तो किसी का मतदाता सूची से
नाम गायब था। एक पर्चा प्रस्तावक के हस्ताक्षर किसी और के बताने पर खारिज
हो गया। इस प्रकार से अब प्रधानी के दंगल में इस चरण में 1989 प्रत्याशी
मैदान शेष बचे हैं। सोमवार को नामवापिसी के बाद पूरी तस्वीर साफ हो जाएगी।
इस
चरण में तेलियानी, असोथर व बहुआ ब्लाक शामिल हैं। इस चरण के लिए 19 व 20
नवंबर को नामांकन प्रक्रिया हुई थी। 163 ग्राम पंचायतों से प्रधान पद के
लिए 2000 नामांकन पत्र दाखिल हुए थे।
जबकि ग्राम पंचायत सदस्य पद की 2075
सीटों के लिए 836 नामांकन कराए गए थे। तेलियानी ब्लाक से प्रधानी के दाखिल
652 पर्चो की जांच में भरसवां ग्राम पंचायत से एक पर्चा खारिज हो गया।
यह
सीट अनुसूचित जाति महिला के लिए आरक्षित है, जबकि उक्त दावेदार ने विमुक्त
जाति का प्रमाण पत्र लगा कर नामांकन कराया था। इसके अलावा सदस्य पद के लिए
22 नामांकन रद हो गए।
इसी प्रकार से असोथर ब्लाक की सुसवन बुर्जुग ग्राम
पंचायत से एक पर्चा खामी की भेंट चढ़ गया। बहुआ ब्लाक की 59 ग्राम
पंचायतों से प्रधानी के लिए दाखिल किए गए 757 नामांकन पत्रों की जांच में
नौ प्रत्याशियों के चुनाव मैदान में कूदने पर रोक लग गई।
बंवारा ग्राम
पंचायत के दो पर्चे वोटरलिस्ट में नाम न होने के चलते उन्हें रद कर दिया
गया। लमेहटा, सांखा, खटौली ग्राम पंचायत से एक-एक पर्चा खाजिर हो गया।
शाह
ग्राम पंचायत का एक पर्चा प्रस्तावक के हस्ताक्षर स्वीकार न किए जाने से
निरस्त हो गया। देवगांव का एक पर्चा 21 साल की उम्र न होने की बिना पर जांच
में रद हो गया।
जबकि गौरी व मनीपुर ग्राम पंचायत से एक-एक पर्चा सजायाफ्ता
के कारण रद हो गया। इस ब्लाक से 12 पर्चे ग्राम सभा सदस्यों के विभिन्न
खामियों के चलते खारिज हो गए।