फतेहपुर। आईएस, पीसीएस बनने में असफल शिक्षाविद शहर में गरीबों को मुफ्त ज्ञानार्जन करा रहे हैं। शहर के कलक्टरगंज स्थित निज आवास में 21 साल से इनका शिक्षा का मंदिर गुलजार हो रहा है। इस मंदिर में आने वाले करीब दो हजार युवा सरकारी नौकरियों में सेवारत हैं। इनमें पीसीएस, लोवर पीसीएस भी शामिल हैं।
शहर के कलक्टरगंज निवासी शिक्षक शिक्षाविद सतीश द्विवेदी शहर चिल्ड्रेन पब्लिक सीनियर सेकंड्री स्कूल में प्रधानाध्यापक के पद पर कार्यरत हैं। स्कूल बंद होने के बाद वह 5.30 बजे से नियमित घर में कोचिंग चलाते हैं। इस कोचिंग में पढक़र वंदना सिंह पुलिस उपाधीक्षक, शिवपूजन सिंह जिला समाज कल्याण अधिकारी, दुर्गेश त्रिपाठी असिस्टेंट कमिश्नर वाणिज्य कर तथा लोवर पीसीएस में स्वतंत्र सिंह फूड इंस्पेक्टर, आनंद विक्रम सिंह सहायक वित्त एवं लेखाधिकारी, सुषमा तिवारी सेवा रत हैं।
शिक्षाविद सतीश द्विवेदी ने बताया कि उनके पिता नंदकिशोर द्विवेदी शिक्षक थे। पिता ने उनसे वचन लिया था, कि कभी भी कोई अगर उनके शिक्षा लेने पहंचे तो उसे निराश कर वापस न करना। इतना नहीं अगर उसके पास रहने और खाने की व्यवस्था न हो, तो अपने साथ रखकर पूरी व्यवस्था करने की जिम्मेदारी होगी। पिता से किया गया
वादा वह निभाने की पूरी कोशिश कर रहे हैं। 1997 से कोचिंग शुरू की थी और अब तक कोचिंग चल रही है। अब तक करीब 2000 युवाओं को कोचिंग पढाई है। दावा किया कि उनकी कोचिंग में आया एक भी युवक नौकरी विहीन नहीं है। सभी लोग सरकारी सेवा से जुड़े हैं। बहुतायत कोचिंग करने वाले बीटीसी शिक्षक बन चुके हैं।
बताया कि 1983, 84, 85 और 1990 तक आईएएस की तैयारी कर परीक्षा में बैठा। 1994 में इंटरव्यू तक पहुंचा, लेकिन सफलता नहीं मिली। इसके बाद ओवरएज होने के कारण तैयारी बंद कर दी। उनकी सोच है कि जिस काम में उन्हें सफलता नहीं मिली है, उसमें उसके पढ़ाए शिष्य सफलता हासिल करें। जब किसी शिष्य की सफलता की जानकारी होती है, तो उन्हें अपनी सफलता का अहसास होता है।
फोटो-14 -कलक्टरगंज में मुफ्त कोचिंग पढ़ाते शिक्षाविद सतीश द्विवेदी
इक्कीस साल से मुफ्त चला रहे कोचिंग
दो पीसीएस, कई लोवर पीसीएस बनाए, बीटीसी शिक्षकों की लंबी सूची
अमर उजाला ब्यूरो