डा. जाकिर हुसैन ट्रस्ट की ओर से बांटे गए विकलांगों के उपकरण में खामी की शिकायत पर पूर्व केंद्रीय मंत्री सलमान खुर्शीद का यह ट्रस्ट एक बार फिर जांच के दायरे में आ गया है। केेंद्र सरकार ने 16 जिलों में लाभार्थियों को बांटे गए उपकरणों की जांच बैठा दी है। केंद्र सरकार का पत्र आने पर तीन सदस्यीय जांच कमेटी का गठन किया गया है। कमेटी को एक सप्ताह में जांच रिपोर्ट भेजनी है।
वर्ष 2011 में फर्रुखाबाद, शाहजहांपुर, एटा, अलीगढ़, कांशीराम नगर, मैनपुरी, इलाहाबाद, इटावा, कन्नौज, रामपुर, मेरठ, बुलंदशहर, गौतमबुद्ध नगर, बरेली, सिद्धार्थनगर, मुरादाबाद के विकलांगों को उपकरण बांटने के लिए केंद्र सरकार की ओर से ट्रस्ट को 68 लाख रुपये दिए गए थे। पूर्व केंद्रीय मंत्री सलमान खुर्शीद ने उपकरणों का वितरण करने का दावा किया था। मगर इसकी शिकायत होने पर दो साल पहले डा. जाकिर हुसैन ट्रस्ट विवादों में घिर गया। मगर मामला दबा दिया गया था।
अब केेंद्र सरकार ने दोबारा डा. जाकिर हुसैन ट्रस्ट पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। केंद्र सरकार ने प्रदेश के विकलांग कल्याण विभाग के सचिव को जांच कराकर रिपोर्ट देने के लिए पत्र लिखा है। इसमें 16 जिलों के नाम और जिन विकलांगों को उपकरण दिए गए हैं उनकी सूची भी शामिल की है। प्रदेश सरकार के पत्र में कहा गया है कि डा. जाकिर हुसैन ट्रस्ट गुल मोहर जामिया नगर नई दिल्ली के पते पर पंजीकृत है। इस संस्था की ओर से जो उपकरण बांटे गए हैं उनका ब्योरा जांच कराकर डीएम के माध्यम से एक सप्ताह में उपलब्ध कराया जाए।
जिला समाज कल्याण अधिकारी ललिता यादव ने बताया कि जांच के संबंध में सरकार का पत्र आ गया है। जांच कमेटी में एसडीएम, जिला विकलांग कल्याण अधिकारी और जिला समाज कल्याण अधिकारी को रखा गया है। शीघ्र जांच कर रिपोर्ट भेजी जाएगी। इस संबंध में जब सलमान खुर्शीद के प्रतिनिधि डा. फरीद चुगतई से बात की गई तो उन्होंने बताया कि जो पैसा ट्रस्ट को मिला था उसका पूरा हिसाब दे दिया गया है।