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रोडवेज परिचालक की मौत, लोहिया अस्पताल में हंगामा

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फर्रुखाबाद। कमालगंज एल-टू अस्पताल से सीटी स्कैन कराने लोहिया अस्पताल पहुंचे रोडवेज परिचालक को काफी देर तक एंबुलेंस से उतारा नहीं गया। इस बीच हालत बिगड़ने से उसकी मौत हो गई। इस पर परिजनों ने डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। स्ट्रेचर फेंक दिया, डॉक्टर व स्टाफ के साथ अभद्रता की। सूचना मिलने पर आवास विकास चौकी प्रभारी ने मौके पर पहुंचकर परिजनों का समझाबुझा कर शांत कराया। बाद में परिजन शव लेकर चले गए।
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कमालगंज केेे मोहल्ला प्रतापनगर (विश्नोई) निवासी सुभाष चंद्र चौरसिया रोडवेज डिपो में परिचालक के पद पर तैनात थे। 23 अप्रैल को कोरोना संक्रमित होने पर उन्हें एल-टू अस्पताल कमालगंज में भर्ती कराया गया था। निगेटिव रिपोर्ट आने के बाद परिजन उन्हें घर ले गए थे। आठ मई को सांस फूलने की तकलीफ होने पर फिर एल-टू अस्पताल में भर्ती कराया गया। सीने में दर्द होने पर बुधवार को सीटी स्कैन कराने के लिए लोहिया अस्पताल रेफर किया गया। परिजन एंबुलेंस से लोहिया अस्पताल पहुंचे। आरोप है कि वहां काफी देर तक उन्हें एंबुलेंस से उतारा नहीं गया।
परिजनों ने ऑक्सीजन देने की बात कही तो अनसुना किया गया। इस बीच सुभाषचंद्र की हालत ज्यादा नाजुक हो गई। इससे परिजन आक्रोशित हो उठे। स्ट्रेचर आदि उठाकर फेंकने लगे। ड्यूटी पर तैनात डॉ. प्रदीप सिंह आए और मरीज को स्ट्रेचर पर रखवाने लगे। कुछ ही देर में हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. मनोज पांडेय पहुंचे और उन्होंने देखा। मगर कुछ ही देर में सुभाषचंद्र की सांसें थम गईं। इसके बाद परिजनों ने डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया।
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सुभाष चंद्र के साले वीरेंद्र चौरसिया ने बताया कि डेढ़ घंटे तक एंबुलेंस में ही रखा गया। इस दौरान सीटी स्कैन कराने की जरूरत नहीं समझी गई। डॉक्टर यदि समय से ऑक्सीजन दे देते, तो मौत नहीं होती। हालांकि बाद में आवास विकास चौकी प्रभारी विशेष कुमार ने परिजनों को समझा कर शांत कर शव उनके सुपुर्द कर दिया।
वहीं, लोहिया अस्पताल के इमरजेंसी के डॉ. प्रदीप सिंह का कहना है कि कमालगंज एल-टू अस्पताल से से सुभाष चंद्र को सीटी स्कैन के लिए भेजा गया था। हालत खराब होने की सूचना मिलने पर डॉ. मनोज पांडेय को बुलाकर दिखाया गया। किसी तरह की लापरवाही नहीं बरती गई। आरोप गलत हैं।’
उधर, हंगामे की सूचना मिलने सीएमएस डॉ. राजकुमार गुप्त ने पहुंचकर परिजनों से घटनाक्रम को समझा। परिजन सुभाष चंद्र चौरसिया का शव लेकर जाने लगे तो उनके पुत्र राहुल चौरसिया के कंधे पर हाथ रखकर सांत्वना दी।
फर्रुखाबाद। परिचालक सुभाषचंद्र की मौत की सूचना पर रोडवेज स्टाफ में शोक व्याप्त हो गया। स्टेशन इंचार्ज गौरीशंकर, जीपी पाठक, सुधीर कुमार पीड़ित परिवार के घर पहुंचे। उन्होंने विभाग की ओर से अंतिम संस्कार के लिए पांच हजार रुपये की सहायता राशि सौंपी।
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