फर्रुखाबाद। बुखार पीड़ित युवक की निजी अस्पताल में मौत के बाद परिजनों ने हंगामा कर दिया। आरोप है कि अस्पताल वालों ने आईसीयू में भर्ती कर हालत में सुधार की बात कहकर परिजनों से 1.30 लाख रुपये ले लिए। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाकर तहरीर दी है।
हरदोई के कस्बा सांडी के मोहल्ला नवाबगंज निवासी कमलेश कुमार ने अपने पुत्र मोहित (19) को बुखार आने के बाद मंगलवार दोपहर में आवास विकास कालोनी स्थित निजी अस्पताल में भर्ती कराया था। डॉक्टर ने हालत गंभीर बताकर उसे आईसीयू में भर्ती कर लिया। परिजनों से पांच यूनिट प्लेटलेट्स और छह यूनिट ब्लड मंगवाकर चढ़ाने की बात कही। यही नहीं अन्य खर्चों के नाम पर 1.35 लाख रुपये ले लिए। परिजनों के कई बार कहने पर भी मोहित से मिलने नहीं दिया गया। शक होने पर बुधवार दोपहर करीब 12 बजे उसका बड़ा भाई रोहित आईसीयू में जबरन घुस गया। वहां भाई की सांसें बंद देखीं, तो हंगामा खड़ा कर दिया।
इसकी जानकारी मां अनीता देवी और परिजनों को हुई, तो विवाद होने लगा। परिजनों ने इसकी सूचना पुलिस को दे दी। सूचना मिलते ही कादरीगेट थाना और आवास विकास चौकी पुलिस मौके पर पहुंच गई। परिजनों ने डॉक्टर पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया। भाई रोहित और रिश्तेदार विशाल ने बताया कि आईसीयू में भर्ती के दौरान डॉक्टर से जब भी हालचाल पूछे, तो उन्होंने हर बार हालत में सुधार की बात कही। इलाज के नाम पर 1.35 लाख रुपये ले लिए।
पिता कमलेश कुमार ने थाने में तहरीर देकर डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप लगाया। पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पिता ने बताया कि पोस्टमार्टम पैनल से करवाने पर ही न्याय मिल सकेगा। थानाध्यक्ष विनोद कुमार शुक्ला ने बताया कि तहरीर मिलने के बाद शव कब्जे में ले लिया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने पर कार्रवाई की जाएगी।